May 21, 2026

नीती घाटी में दौड़ेगा रोमांच, अल्ट्रा मैराथन के लिए 1000 प्रतिभागियों ने कराया पंजीकरण..

नीती घाटी में दौड़ेगा रोमांच, अल्ट्रा मैराथन के लिए 1000 प्रतिभागियों ने कराया पंजीकरण..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड की सीमांत नीती घाटी अब रोमांच और एडवेंचर स्पोर्ट्स का नया केंद्र बनने जा रही है। चमोली जिले की बर्फीली वादियों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच 31 मई से शुरू होने वाली ‘नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ को लेकर देश-विदेश के धावकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब तक इस हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन के लिए करीब एक हजार प्रतिभागी पंजीकरण करा चुके हैं, जिनमें देश के 27 राज्यों के धावकों के साथ दो विदेशी प्रतिभागी भी शामिल हैं।

तीन दिन तक चलने वाला यह आयोजन 2 जून तक चलेगा। समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई पर आयोजित होने वाली यह दौड़ प्रतिभागियों के धैर्य, फिटनेस और मानसिक क्षमता की कड़ी परीक्षा मानी जा रही है। कठिन मौसम, ठंडी हवाएं, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्ते और कम ऑक्सीजन वाले इलाकों से गुजरने वाली यह मैराथन रोमांच प्रेमियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगी। पर्यटन विभाग इस बार सीमांत क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से इस आयोजन को विशेष रूप से तैयार कर रहा है। बीते वर्ष आयोजित आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन को मिली सफलता के बाद अब नीती घाटी को एडवेंचर टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है।

75 किलोमीटर लंबी अल्ट्रा रन रिमखिम से शुरू होकर सुमना, ग्रैंड कैन्यन स्ट्रेच और मलारी होते हुए नीती गांव तक पहुंचेगी। इसके अलावा 42 किलोमीटर की मैराथन भी आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में धावक हिस्सा लेंगे। आयोजकों के अनुसार यह प्रतियोगिता विश्व की छठवीं और भारत की चौथी सबसे ऊंचाई वाली अल्ट्रा दौड़ का रिकॉर्ड स्थापित करेगी। प्रतिभागियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी धावकों के लिए मेडिकल फिटनेस जांच अनिवार्य की गई है। दौड़ के पूरे मार्ग पर मेडिकल टीम, सपोर्ट स्टेशन और आपातकालीन हेलिकॉप्टर सुविधा तैनात रहेगी। भारतीय सेना और Indo-Tibetan Border Police (आईटीबीपी) आयोजन के दौरान सुरक्षा, संचार और लॉजिस्टिक्स सहयोग प्रदान करेंगे।

पर्यटन विभाग का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से सीमांत गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। होमस्टे, होटल, परिवहन, स्थानीय गाइड और हस्तशिल्प व्यवसायों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही यह आयोजन उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज्म मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नीती घाटी की प्राकृतिक सुंदरता, बर्फ से ढकी चोटियां और चुनौतीपूर्ण ट्रैक इस अल्ट्रा मैराथन को देश की सबसे अनोखी खेल प्रतियोगिताओं में शामिल कर रहे हैं। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह का माहौल है और सीमांत क्षेत्र में तैयारियां तेजी से चल रही हैं।