शांत दून में गोलियों की गूंज,कार का शीशा तोड़ा, फिर सड़क पर हुई फायरिंग..
उत्तराखंड: शांत शहर की पहचान रखने वाले देहरादून में सड़क पर होने वाले विवाद अब गंभीर रूप लेते जा रहे हैं। रोड रेज और युवकों के आपसी झगड़ों के दौरान फायरिंग की घटनाएं लगातार सामने आने से शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ रही है। बीते कुछ महीनों में जोहड़ी गांव, छह नंबर पुलिया, पटेलनगर और शिमला बाईपास क्षेत्र में गोली चलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 30 मार्च को राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में मसूरी रोड पर मॉर्निंग वॉक के दौरान रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की गोली लगने से मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक, फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो सवार युवकों के बीच विवाद के बाद एक पक्ष ने दूसरे वाहन का पीछा करते हुए फायरिंग की थी। इसी दौरान राह से गुजर रहे मुकेश जोशी के सीने में गोली लग गई और उनकी जान चली गई। घटना के बाद शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे।
इसके बाद तीन जुलाई की रात रायपुर क्षेत्र में छह नंबर पुलिया के पास भी फायरिंग हुई। शराब के ठेके के बाहर दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान गोलियां चलीं, जिसमें दो युवक घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने मामले में अरुण कुमार, सन्नी कुमार और आदर्श सिंह को गिरफ्तार किया था। जांच में विवाद के पीछे पुरानी रंजिश की बात भी सामने आई थी। अब पटेलनगर और शिमला बाईपास क्षेत्र में हुई फायरिंग ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि पटेलनगर में कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान कार सवार गुरमीत, अमन और रोहित वहां पहुंचे। कहासुनी के बाद जब वे कार से जाने लगे तो पीछे से आए कुछ युवकों ने उनका पीछा किया। एक युवक ने डंडे से कार का पिछला शीशा तोड़ दिया। इसके बाद कार सवार युवकों ने फायरिंग कर दी।घटना के बाद कार सवार युवक मौके से भाग निकले। इस दौरान कुछ युवकों ने बाइक से उनका पीछा किया। पीछा करते हुए दोनों पक्ष शिमला बाईपास चौक तक पहुंच गए, जहां एक बार फिर फायरिंग होने की बात सामने आई है। इस घटना में एक युवक के घायल होने की सूचना है। पटेलनगर में हुए विवाद और फायरिंग की घटना सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शहर के सभी थाना क्षेत्रों को अलर्ट कर दिया। प्रमुख मार्गों और सीमावर्ती इलाकों में चेकिंग शुरू की गई। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ ही घंटों में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और घटना में इस्तेमाल कार को कब्जे में ले लिया गया। लगातार हो रही घटनाओं से साफ है कि युवकों के आपसी विवाद और रोड रेज के मामलों में हथियारों का इस्तेमाल पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर मामूली विवाद के बाद फायरिंग जैसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि राहगीरों और आम लोगों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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