देहरादून में नशे के खिलाफ विशेष मुहिम, स्कूल-कॉलेज से लेकर दफ्तरों तक दिलाई जाएगी शपथ
उत्तराखंड: नशीली दवाओं के बढ़ते इस्तेमाल को रोकने और लोगों को इसके खतरों के प्रति जागरूक करने के लिए देहरादून जिले में विशेष अभियान शुरू होने जा रहा है। नशामुक्त भारत अभियान के तहत 14 से 30 सितंबर तक जिलेभर में शपथ और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का शुभारंभ 14 सितंबर को सुबह 11 बजे ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान करेंगे। इसके बाद स्कूल-कॉलेज, कोचिंग संस्थान, सरकारी कार्यालय, ग्राम पंचायत, औद्योगिक इकाइयों और अन्य संस्थानों में नशामुक्ति को लेकर कार्यक्रम होंगे।
युवाओं पर रहेगा खास फोकस
नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में युवाओं और विद्यार्थियों को प्रमुखता से जोड़ा जाएगा। कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटरों और छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को नशीली दवाओं के नुकसान के बारे में जानकारी दी जाएगी। जागरूकता कार्यक्रमों के बाद विद्यार्थियों और कर्मचारियों को नशे से दूर रहने की सामूहिक शपथ दिलाई जाएगी। स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
सरकारी दफ्तरों से गांवों तक पहुंचेगा अभियान
अभियान को शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी है। सरकारी और अर्द्धसरकारी कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारी नशे से दूर रहने की शपथ लेंगे। वहीं ग्राम पंचायतों, नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के माध्यम से स्थानीय लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा। महिला स्वयं सहायता समूहों की भी इसमें भागीदारी रहेगी, जिससे गांव और स्थानीय स्तर पर नशे के खिलाफ जागरूकता को बढ़ाया जा सके। औद्योगिक क्षेत्रों और निजी संस्थानों को भी अभियान में शामिल किया गया है। कारखानों, निर्माण इकाइयों और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए सामूहिक शपथ कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रमों की जानकारी और सहभागिता का रिकॉर्ड संबंधित विभागों की ओर से तैयार किया जाएगा।
पर्यटन क्षेत्र में भी नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की तैयारी है। होटल, होम स्टे और छात्रावासों में शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर सहित अन्य खेल प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों और प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। अभियान में ऑनलाइन शपथ लेने वालों को प्रमाण-पत्र डाउनलोड करना होगा। वहीं ऑफलाइन कार्यक्रमों की तस्वीरें और संबंधित जानकारी भी विभाग को उपलब्ध करानी होगी। प्रशासन ने सभी विभागों और संस्थानों से अभियान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है। अभियान का मकसद नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।

More Stories
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा, 400 से ज्यादा संक्रमित..
दुर्गम जंगलों में भी रहेगी पैनी नजर..
ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण 40.5% पर अटका, धीमी प्रगति पर प्रशासन सख्त..