पुरानी ACP व्यवस्था की बहाली को लेकर कर्मचारियों ने खोला मोर्चा..
27 नवंबर को सचिवालय कूच..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों ने पुरानी एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) व्यवस्था को दोबारा लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इस मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर ‘ACP (प्रोन्नत वेतनमान) बहाली संयुक्त मोर्चा, उत्तराखंड’ का गठन किया है। मोर्चे ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। सचिवालय परिसर में आयोजित बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में पुरानी ACP व्यवस्था की बहाली को लेकर रणनीति तैयार की गई और प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों को एक मंच पर लाने पर सहमति बनी।
10, 16 और 26 साल की सेवा पर मिलते थे वेतनमान
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि पूर्व व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को 10, 16 और 26 वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने पर तीन वित्तीय उन्नयन का लाभ मिलता था। हालांकि, 1 जनवरी 2017 से लागू MACP व्यवस्था के बाद यह व्यवस्था बदल गई। वर्तमान प्रणाली में कर्मचारियों को 10, 20 और 30 वर्ष की सेवा पूरी होने पर वित्तीय लाभ दिए जाने का प्रावधान है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि नई व्यवस्था का सबसे अधिक असर उन कर्मचारियों पर पड़ा है, जिन्हें विभागीय स्तर पर पदोन्नति के सीमित अवसर मिलते हैं। कई विभागों में कर्मचारी पूरी नौकरी के दौरान एक या दो पदोन्नति ही हासिल कर पाते हैं, जबकि कुछ कर्मचारियों को बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त होना पड़ता है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सौंपेंगे ज्ञापन
संयुक्त मोर्चे ने अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात का कार्यक्रम तय किया है। 5 नवंबर को कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा। इसमें पुरानी ACP व्यवस्था को फिर से लागू करने और कर्मचारियों को पहले की तरह 10, 16 और 26 साल की सेवा पर वित्तीय लाभ देने की मांग उठाई जाएगी।
27 नवंबर को परेड ग्राउंड से सचिवालय तक निकलेगी रैली
बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति पर भी सहमति बनी। मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार की ओर से मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 27 नवंबर को देहरादून के परेड ग्राउंड से सचिवालय तक विशाल रैली निकाली जाएगी। इसके बाद सचिवालय घेराव किया जाएगा। मोर्चे के नेताओं के मुताबिक, रैली के बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अगली रणनीति भी घोषित की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में ACP बहाली का मुद्दा प्रदेश की कर्मचारी राजनीति में अहम रूप ले सकता है। बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष अरुण पांडे, उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष आरसी शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता हर्ष जोशी और सीडी सैनी समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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