October 14, 2026

मदरसों की मान्यता को लेकर सरकार सख्त..

मदरसों की मान्यता को लेकर सरकार सख्त..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता को लेकर सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मान्यता से संबंधित लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा तक आवेदन नहीं करने वाले बंद मदरसों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि 452 मदरसों के संबंध में चल रही कार्रवाई के बाद 35 मदरसों को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से मान्यता दी जा चुकी है। वहीं, शिक्षा विभाग से 76 मदरसों को मान्यता मिल गई है। मंत्री के अनुसार 114 मदरसों ने शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है। इन आवेदनों पर प्रक्रिया पूरी कर अक्टूबर 2026 के अंत तक मान्यता देने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह विभागीय प्रक्रिया पूरी होने पर करीब 190 मदरसों को मान्यता मिलने की उम्मीद है।

आवेदन नहीं करने वाले मदरसों पर कार्रवाई की तैयारी
समीक्षा बैठक में यह भी बताया गया कि 227 मदरसे बंद हो चुके हैं। यदि ये मदरसे अक्टूबर के अंत तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार का जोर मान्यता प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरा कराने पर है। बैठक में मदरसों की मान्यता के अलावा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री खजान दास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इनका उद्घाटन कर सकें। उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर 2026 से पहले पूरी की जाने वाली योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप दिया जाए। इसके साथ ही 15 नवंबर 2026 से पहले जिन परियोजनाओं का शिलान्यास प्रस्तावित है, उनकी तैयारियों और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।

खर्च नहीं हुआ बजट लौटाने के निर्देश
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जिन योजनाओं में आवंटित बजट खर्च नहीं हो पाया है, उनकी शेष राशि नियमानुसार वापस करने को कहा गया, ताकि इसका उपयोग राज्य की अन्य प्रस्तावित विकास योजनाओं में किया जा सके। बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, योजनाओं को समय पर पूरा करने और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया। सरकार की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।