May 18, 2026

उत्तराखंड के श्रमिकों को बड़ी सौगात, 1 अप्रैल 2026 से बढ़ेगा मानदेय..

उत्तराखंड के श्रमिकों को बड़ी सौगात, 1 अप्रैल 2026 से बढ़ेगा मानदेय..

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम वेतन दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई दरों के लागू होने के बाद अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों के मानदेय में बढ़ोतरी होगी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से हजारों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके आर्थिक स्तर में सुधार आएगा। नई वेतन दरें एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। नई व्यवस्था के तहत अब अकुशल श्रमिकों को न्यूनतम 13,018 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। वहीं अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन बढ़ाकर 15,100 रुपये कर दिया गया है, जबकि कुशल श्रमिकों को अब 16,900 रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही श्रमिकों को ओवरटाइम, बोनस और श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अन्य लाभ भी दिए जाएंगे। श्रम विभाग ने साफ किया है कि सभी उद्योगों और संस्थानों को तय मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

सरकार का दावा है कि उत्तराखंड में श्रमिकों को पड़ोसी राज्यों की तुलना में बेहतर वेतनमान मिल रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और बिहार की तुलना में उत्तराखंड के श्रमिक अधिक न्यूनतम वेतन प्राप्त कर रहे हैं। बताया गया कि उत्तर प्रदेश में अकुशल श्रमिकों को लगभग 12,356 रुपये, हिमाचल प्रदेश में 11,250 रुपये और बिहार में 11,336 रुपये मानदेय मिल रहा है, जबकि उत्तराखंड में इसी श्रेणी के श्रमिकों को 13,018 रुपये दिए जा रहे हैं। इसी तरह अर्धकुशल श्रमिकों के वेतन में भी उत्तराखंड आगे बताया गया है। उत्तर प्रदेश में अर्धकुशल श्रमिकों को करीब 13,590 रुपये, हिमाचल प्रदेश में 11,601 रुपये और बिहार में 11,752 रुपये भुगतान किया जा रहा है, जबकि उत्तराखंड में इस वर्ग के श्रमिकों को 15,100 रुपये मिल रहे हैं। वहीं कुशल श्रमिकों को उत्तर प्रदेश में 15,224 रुपये, हिमाचल प्रदेश में 13,062 रुपये और बिहार में 14,326 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि उत्तराखंड में यह राशि बढ़कर 16,900 रुपये तक पहुंच रही है।

श्रम विभाग और श्रम आयोग ने राज्य के सभी उद्योगों और संस्थानों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि श्रमिकों से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, बोनस और अन्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही विभाग ने सोशल मीडिया पर वेतनमान को लेकर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की अपील भी की है। अधिकारियों ने कहा कि श्रमिक किसी भी भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं को ही मानें। सरकार ने दोहराया कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है और भविष्य में भी श्रमिक कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।