उत्तराखंड के दिव्यांशु का नौसेना में चयन, सब-लेफ्टिनेंट बन करेंगे देशसेवा..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के युवा लगातार सेना और अर्धसैनिक बलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। देशसेवा का जज्बा पहाड़ के युवाओं में हमेशा से देखने को मिलता रहा है। इसी कड़ी में टिहरी गढ़वाल जिले के एक होनहार युवक ने भारतीय नौसेना में अधिकारी बनकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। टिहरी के दिव्यांशु तोपवाल का चयन भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट पद पर हुआ है। उनकी इस सफलता से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है। दिव्यांशु तोपवाल टिहरी गढ़वाल जिले के विकासखंड चंबा के ग्राम बागी (मल्ली बीपुरम) के निवासी हैं। बचपन से ही अनुशासित और मेधावी रहे दिव्यांशु ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नई टिहरी स्थित एनटीआईएस पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। स्कूल शिक्षा के दौरान ही उन्होंने देशसेवा का सपना देखा और उसी दिशा में लगातार मेहनत करते रहे। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने देहरादून स्थित ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया और वहां से बीटेक की डिग्री हासिल की।
उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद दिव्यांशु ने भारतीय नौसेना की परीक्षा की तैयारी शुरू की। कठिन प्रतिस्पर्धा और लगातार मेहनत के बाद उन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल कर सब-लेफ्टिनेंट पद के लिए चयन प्राप्त किया। चयन के बाद अब वह केरल स्थित इंडियन नेवल अकादमी (INA) एझिमाला में 11 महीने का कठिन सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह प्रशिक्षण भारतीय नौसेना के अधिकारियों को तैयार करने की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है। दिव्यांशु की सफलता के पीछे उनके परिवार का भी अहम योगदान रहा है। उनके पिता धर्म सिंह तोपवाल राजकीय इंटर कॉलेज, केशरधार नैचोली में शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता किरण तोपवाल गृहिणी हैं। परिवार ने हमेशा उन्हें अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी के संस्कार दिए। परिजनों का कहना है कि दिव्यांशु ने अपनी लगन और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है और आज पूरे क्षेत्र को उन पर गर्व है।
दिव्यांशु के पिता ने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अब भारतीय नौसेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करेगा और उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेगा। गांव और क्षेत्र के लोगों ने भी दिव्यांशु को शुभकामनाएं देते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है। पहाड़ के सीमित संसाधनों के बीच एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय नौसेना में अधिकारी बनना दिव्यांशु की मेहनत, आत्मविश्वास और समर्पण की बड़ी मिसाल माना जा रहा है। उत्तराखंड लंबे समय से वीर भूमि के रूप में जाना जाता है और यहां के युवा लगातार सेना में अपनी सेवाएं देकर देश की रक्षा में योगदान दे रहे हैं। दिव्यांशु तोपवाल की सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पहाड़ का युवा किसी भी चुनौती को पार कर देशसेवा के अपने सपने को पूरा कर सकता है।

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