October 26, 2026

सचिवालय में पार्किंग से लेकर दफ्तरों तक की समस्या होगी दूर..

सचिवालय में पार्किंग से लेकर दफ्तरों तक की समस्या होगी दूर..

मार्च 2027 तक तैयार होगा नया भवन..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सचिवालय में कार्यालयों की कमी और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए छह मंजिला वैकल्पिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। करीब 59.34 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस भवन में अधिकारियों के कार्यालयों के साथ बैंक, डाकघर, बैठक कक्ष और पार्किंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। विभाग ने मार्च 2027 तक भवन तैयार करने का लक्ष्य रखा है। सचिवालय परिसर में विश्वकर्मा भवन के पास बन रही इस नई इमारत से प्रशासनिक कामकाज के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध होगी। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय संबंधी सुविधाएं मिलेंगी, वहीं सचिवालय आने वाले लोगों को भी कई जरूरी सेवाएं परिसर के भीतर ही मिल सकेंगी।

59.34 करोड़ रुपये से तैयार हो रहा भवन
राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रण में बन रहे इस भवन के लिए शासनादेश 26 मार्च 2025 को जारी किया गया था। परियोजना पर कुल 59.34 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें 41.27 करोड़ रुपये सिविल निर्माण और करीब 18.07 करोड़ रुपये विद्युतीकरण कार्यों के लिए निर्धारित हैं। करीब 2,516 वर्गमीटर क्षेत्र में बन रहे भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल बेसमेंट सहित लगभग 1,04,480 वर्गफुट होगा। ग्राउंड फ्लोर से पांचवीं मंजिल तक बनने वाली इस इमारत में प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार अलग-अलग कार्यालयों और सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

बेसमेंट में 125 वाहनों की पार्किंग की सुविधा
सचिवालय परिसर में पार्किंग की समस्या को देखते हुए नए भवन के बेसमेंट में विशेष व्यवस्था की जा रही है। यहां 25 कारों और 100 दोपहिया वाहनों को खड़ा करने की सुविधा होगी। भवन के ग्राउंड फ्लोर पर भारतीय स्टेट बैंक की शाखा, डाकघर, एक्सटेंशन लॉबी और प्रतीक्षालय प्रस्तावित हैं। इससे सचिवालय में कार्य कराने आने वाले लोगों को बैंकिंग और डाक सेवाओं के लिए परिसर से बाहर जाने की जरूरत कम पड़ेगी।

अधिकारियों के लिए अलग-अलग मंजिलों पर कार्यालय
नए भवन में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की जरूरतों के अनुसार कार्यालयों का आवंटन प्रस्तावित है। पहली और दूसरी मंजिल पर अनुभागीय कार्यालयों और अनुसचिव कार्यालयों की व्यवस्था होगी। तीसरी और चौथी मंजिल पर अपर सचिवों और संयुक्त सचिवों के कार्यालय बनाए जा रहे हैं। यहां अधिकारियों के स्टाफ के लिए कमरे और बैठकों के लिए एक आधुनिक कक्ष भी प्रस्तावित है। सबसे ऊपरी पांचवीं मंजिल पर प्रमुख सचिवों के कार्यालय, स्टाफ रूम, प्रतीक्षालय और बैठक के लिए विशेष कक्ष बनाए जाएंगे। इस व्यवस्था से विभिन्न स्तर के अधिकारियों के लिए कार्यालयीन कामकाज और बैठकों के लिए एक ही परिसर में पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

प्लास्टर का काम 90 फीसदी पूरा, मार्च 2027 तक निर्माण का लक्ष्य
निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति के अनुसार, भवन का जी+5 स्ट्रक्चरल ढांचा तैयार हो चुका है। अंदरूनी हिस्सों में चिनाई का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि प्लास्टर का करीब 90 प्रतिशत काम हो चुका है। फिलहाल बाहरी प्लास्टर, छत पर ट्रस लगाने, शौचालयों की प्लंबिंग और बिजली से जुड़े अतिरिक्त कार्य किए जा रहे हैं। विभाग के मुताबिक, परियोजना की कुल भौतिक प्रगति करीब 60 प्रतिशत है। निर्माण एजेंसी को मार्च 2027 तक काम पूरा करना है।

गुणवत्ता और समयसीमा पर विभाग की नजर
आवास एवं राज्य संपत्ति सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और आम जनता के कामकाज को सुगम बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार, सचिवालय में निर्माणाधीन वैकल्पिक भवन से प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि परियोजना की प्रगति और निर्माण गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि भवन को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कर उपयोग के लिए तैयार किया जाए। निर्माण पूरा होने के बाद सचिवालय को अतिरिक्त कार्यालयी स्थान और सुविधाएं मिलेंगी। इससे प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने के साथ कर्मचारियों और आम लोगों की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।