October 31, 2026

छह मौतों के पीछे क्या थी वजह? जांच एजेंसियों को ब्लैक बॉक्स का इंतजार..

छह मौतों के पीछे क्या थी वजह? जांच एजेंसियों को ब्लैक बॉक्स का इंतजार..

 

 

उत्तराखंड: बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरने वाले ट्रांस भारत एविएशन के हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद हादसे की वजह जानने के लिए जांच तेज कर दी गई है। शुक्रवार (30 अक्टूबर) को हुए इस भीषण हादसे में पायलट समेत छह लोगों की जान चली गई। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। जांच एजेंसियां हेलिकॉप्टर के ब्लैक बॉक्स की तलाश कर रही हैं, जिससे दुर्घटना से पहले की परिस्थितियों और तकनीकी स्थिति से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। हादसे के बाद सुरक्षा के मद्देनजर ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलिकॉप्टरों की उड़ान पर रोक लगा दी गई है। कंपनी के पूरे बेड़े को ग्राउंड कर दिया गया है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) में उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई गई है। इसमें सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।

दुर्गम इलाके में सुबह पांच बजे दोबारा शुरू हुआ रेस्क्यू
हादसे वाली जगह दुर्गम पहाड़ी और घने जंगलों के बीच स्थित है। क्षेत्र में हिमालयन भालू की सक्रियता भी बचाव अभियान के लिए चुनौती बनी हुई है। अंधेरा होने और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण शुक्रवार रात करीब आठ बजे राहत एवं बचाव अभियान रोकना पड़ा था। इसके बाद शनिवार सुबह पांच बजे अभियान दोबारा शुरू किया गया। दुर्घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल होने के कारण शवों को बाहर निकालने के लिए सेना की मदद ली जा रही है। बचाव दल को पहाड़ी क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों के बीच अभियान संचालित करना पड़ रहा है।

एएआईबी करेगा हादसे की विस्तृत जांच
हेलिकॉप्टर दुर्घटना की जांच में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की भूमिका अहम रहने वाली है। नागरिक विमानन से जुड़ी दुर्घटनाओं की जांच करने वाली यह एजेंसी हादसे के तकनीकी और अन्य संभावित कारणों का पता लगाएगी। जांच में मौसम की स्थिति, हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति और उड़ान से जुड़े पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा सकता है।

ब्लैक बॉक्स से मिल सकते हैं अहम सुराग
हादसे की गुत्थी सुलझाने में ब्लैक बॉक्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसमें मौजूद फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के संचालन, तकनीकी आंकड़ों और कॉकपिट में हुई बातचीत से जुड़ी जानकारी मिल सकती है। फिलहाल ब्लैक बॉक्स बरामद नहीं हुआ है और उसकी तलाश जारी है। इसके मिलने के बाद जांच एजेंसियों को दुर्घटना से ठीक पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। सरकार और विमानन एजेंसियों के सामने अब हादसे की वजह स्पष्ट करने के साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की चुनौती है।