चमोली में सैलाब का कहर, तमक नाले में बहा वैली ब्रिज, कई वाहन प्रभावित..
उत्तराखंड: भारत-चीन सीमा से लगे चमोली जिले की नीती घाटी में मंगलवार शाम अचानक आई बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया। ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग पर तमक नाले में तेज बारिश के बाद पानी और मलबे का बहाव अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते नाले पर बना वैली ब्रिज तेज बहाव में बह गया। इस दौरान कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। हादसे में सीमा सड़क संगठन (BRO) से जुड़े एक कर्मचारी के लापता होने की सूचना है। तेज बहाव में उसके बहने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और राहत-बचाव दलों की ओर से उसकी तलाश के लिए अभियान शुरू किया गया है।
अचानक बढ़ा पानी, मलबे के साथ आया सैलाब
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे तमक क्षेत्र में मौसम अचानक बिगड़ गया। क्षेत्र में कई बार तेज बारिश हुई, जिसके बाद नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा भी नीचे की ओर आया। जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे तमक क्षेत्र में मौसम अचानक बिगड़ गया। क्षेत्र में कई बार तेज बारिश हुई, जिसके बाद नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा भी नीचे की ओर आया। तेज बहाव की चपेट में आने से 123 बीआरटीएफ की ओर से सुराईथोटा क्षेत्र में बनाया गया वैली ब्रिज देखते ही देखते ढह गया और पानी में बह गया। घटनास्थल के वीडियो में पानी के तेज बहाव के बीच वाहनों को बहते और सड़क पर भारी मशीनरी को फंसे हुए देखा जा सकता है।
BRO के वाहन भी आए चपेट में
हादसे के दौरान जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) के कई वाहन प्रभावित हुए। इनमें स्कॉर्पियो संख्या 24 BE 16058 और बोलेरो कैंपर संख्या 23 B 15947 शामिल हैं।स्कॉर्पियो चालक नायक पंकज कुमार के तेज बहाव में लापता होने की जानकारी सामने आई है। ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि BRO के एक मेजर से उनकी बातचीत हुई है। मेजर ने एक कर्मचारी के लापता होने की पुष्टि की है। घटना के समय तेज बारिश और अंधेरा होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने सुबह व्यापक स्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की तैयारी की है।घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार सैलाब का वेग इतना अधिक था कि आसपास खड़े वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। एक पिकअप वाहन पानी के साथ बहता हुआ दिखाई दिया, जबकि पोकलैंड मशीन भी मलबे और पानी के बीच फंसी नजर आई।वैली ब्रिज के बह जाने से नीती घाटी की आवाजाही प्रभावित हो गई है। ज्योतिर्मठ से आगे तमक और मलारी की तरफ जाने वाला मार्ग बाधित हो गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुराईथोटा से तमक और मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। लोगों से मौसम में सुधार और सड़क की स्थिति स्पष्ट होने तक नीती घाटी की ओर जाने से बचने की अपील की गई है।
धौलीगंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर अलर्ट
भारी बारिश के कारण क्षेत्र की नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। पुलिस और प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को लाउडस्पीकर के जरिए सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। धौलीगंगा के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए तटीय इलाकों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। जल विद्युत परियोजनाओं में कार्यरत कंपनियों को भी सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF और NDRF की टीमें सक्रिय हो गईं। बचाव दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। टीमों के पहुंचने के बाद प्रभावित इलाके में सर्च ऑपरेशन और राहत कार्य तेज किया जाएगा। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार, प्रारंभिक सूचना में एक ब्रिज, एक वाहन, एक ट्रक और हवलदार रैंक के एक कर्मचारी के बहने की जानकारी मिली है। अन्य कर्मचारियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति का संज्ञान लिया। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने संवेदनशील और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ प्रभावित मार्ग पर आवाजाही को स्थिति सामान्य होने तक नियंत्रित रखने को कहा है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पुल टूटने से नीती घाटी के गांवों में राशन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित न हो। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से आवश्यक सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

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