July 21, 2026

अग्निवीरों के लिए धामी सरकार की नई पहल, विशेष सेल के जरिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते..

अग्निवीरों के लिए धामी सरकार की नई पहल, विशेष सेल के जरिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते..

 

 

उत्तराखंड: अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद घर लौटने वाले अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार के लिए एक विशेष ‘अग्निवीर सेल’ का गठन करेगी। इस सेल का उद्देश्य सेवानिवृत्त अग्निवीरों को उनकी योग्यता और अनुभव के अनुरूप सरकारी, निजी और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना होगा। राज्य सरकार का मानना है कि सेना में प्राप्त अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और कार्य अनुभव को नागरिक क्षेत्र में भी प्रभावी ढंग से उपयोग में लाया जा सकता है। इसी सोच के साथ एक ऐसी व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिससे अग्निवीरों को सेवा समाप्ति के बाद करियर को लेकर किसी प्रकार की अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

दिसंबर-जनवरी में लौटेंगे करीब 1200 अग्निवीर

अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष दिसंबर और अगले वर्ष जनवरी के दौरान उत्तराखंड के लगभग 1,200 अग्निवीर अपनी चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी कर घर लौटेंगे। इन्हीं युवाओं के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि सेवा समाप्त होते ही उन्हें रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ मिल सके। प्रस्तावित अग्निवीर सेल में सेना और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। यह समिति अग्निवीरों की योग्यता, अनुभव और उपलब्ध रोजगार अवसरों का अध्ययन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी। इसके आधार पर विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की पहचान की जाएगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि अग्निवीरों को केवल नौकरी तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें स्वरोजगार, उद्यमिता और कौशल आधारित व्यवसायों के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।

नागरिक सेवाओं के अनुरूप मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

सरकार का मानना है कि सेना में मिली ट्रेनिंग और नागरिक क्षेत्रों की कार्य आवश्यकताओं में कुछ अंतर होता है। इसलिए अग्निवीर सेल ऐसे विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और अल्पकालिक कोर्स तैयार करेगी, जिनसे अग्निवीर विभिन्न सरकारी सेवाओं, औद्योगिक संस्थानों, सुरक्षा सेवाओं, तकनीकी क्षेत्रों और निजी कंपनियों की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य अग्निवीरों के कौशल को और बेहतर बनाना तथा उन्हें रोजगार बाजार की मांग के अनुसार सक्षम बनाना होगा।

चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद सेना की ओर से अग्निवीरों को विभिन्न क्षेत्रों में उनके कौशल के आधार पर प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे। इनमें शेफ, ड्राइविंग, तकनीकी कार्य, क्राफ्टमैनशिप सहित कुल 17 विशेष श्रेणियों से जुड़े प्रमाणपत्र शामिल होंगे। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर अग्निवीर सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों में रोजगार के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही कौशल आधारित स्वरोजगार शुरू करने में भी उन्हें मदद मिलेगी। अग्निपथ योजना लागू होने के बाद से देशभर में अग्निवीरों के भविष्य और सेवा समाप्ति के बाद रोजगार को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। उत्तराखंड सरकार की यह पहल उन आशंकाओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं को उनकी क्षमताओं के अनुरूप सम्मानजनक रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इससे न केवल प्रशिक्षित युवाओं को नया करियर मिलेगा, बल्कि राज्य को भी अनुशासित और दक्ष मानव संसाधन का लाभ मिलेगा।राज्य सरकार का कहना है कि अग्निवीरों के पुनर्वास को लेकर आगे भी विभिन्न विभागों और निजी क्षेत्र के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि सेवा पूरी करने वाले प्रत्येक युवा के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते सुनिश्चित किए जा सकें।