प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा की प्रतिमा की मांग..
पूर्व सैनिकों ने मंत्री से की मुलाकात..
उत्तराखंड: भारतीय सेना के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा की वीरता और बलिदान को स्थायी सम्मान देने की मांग उठी है। कुमाऊं रेजिमेंट की 4 कुमाऊं बटालियन के पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात कर चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर मेजर सोमनाथ शर्मा की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में मंत्री को ज्ञापन सौंपा। पूर्व सैनिकों ने कहा कि मेजर सोमनाथ शर्मा 4 कुमाऊं के वीर सैनिक थे। वर्ष 1947 में कश्मीर के बड़गाम में देश की रक्षा के दौरान उन्होंने दुश्मन के खिलाफ मोर्चा संभाला और अदम्य साहस का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। मेजर सोमनाथ शर्मा की वीरता के सम्मान में उन्हें मरणोपरांत देश के पहले परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। पूर्व सैनिकों का कहना है कि ऐसे वीर योद्धा की प्रतिमा राजधानी के शौर्य स्थल पर स्थापित होने से उनके बलिदान को उचित सम्मान मिलेगा।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी प्रतिमा
पूर्व सैनिक संगठन के मुताबिक प्रतिमा केवल स्मारक के रूप में नहीं, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बन सकती है। इससे देशभक्ति, सैन्य अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को बढ़ावा मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि प्रतिमा स्थापना का कार्यक्रम 3 नवंबर को आयोजित किया जाए। पूर्व सैनिकों के मुताबिक इस आयोजन को मेजर सोमनाथ शर्मा के परमवीर चक्र सम्मान से जुड़ी स्मृतियों के साथ जोड़कर व्यापक स्तर पर किया जा सकता है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि प्रतिमा स्थापना समारोह में 4 कुमाऊं की पलटन, नैनी और कुमाऊं रेजिमेंट से जुड़े परिवारों के साथ देहरादून के लोगों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। उनका कहना है कि मेजर सोमनाथ शर्मा की वीरगाथा देश के सैन्य इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। ऐसे में उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देकर युवा पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराया जा सकता है।
मंत्री ने दिया सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को सुना और प्रस्ताव पर संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि देश के वीर सैनिकों का सम्मान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मंत्री ने कहा कि मेजर सोमनाथ शर्मा जैसे वीरों का त्याग और साहस देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी शौर्यगाथा को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने और वीर सैनिकों के सम्मान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सैनिक सूबेदार महिपाल सिंह देवपा, सुरेश राठौर, हरिपाल सिंह कार्की, गोविंद सिंह खरकवाल समेत अन्य पूर्व सैनिक शामिल रहे।

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