July 22, 2026

सीएम धामी का एकल महिलाओं को तोहफा, 212 लाभार्थियों को मिलेगी 1.55 करोड़ रुपये की पहली किस्त..

सीएम धामी का एकल महिलाओं को तोहफा, 212 लाभार्थियों को मिलेगी 1.55 करोड़ रुपये की पहली किस्त..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार राज्य की एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। इसी कड़ी में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत बुधवार को राज्य की सैकड़ों एकल महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी लाभार्थी महिलाओं के खातों में अनुदान की राशि हस्तांतरित करेंगे। इस अवसर पर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या भी मौजूद रहेंगी। योजना के दूसरे चरण में चयनित आठ जिलों की 212 एकल महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए अनुदान की पहली किस्त जारी की जाएगी। इसके लिए सरकार की ओर से कुल 1 करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये की धनराशि वितरित की जाएगी। वहीं योजना के पहले चरण में चयनित 276 महिलाओं को स्वरोजगार गतिविधियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से दूसरी किस्त भी जारी की जाएगी। इन लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 20 लाख 76 हजार 875 रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें और आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकें।

मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है, जो किसी कारणवश अकेले जीवनयापन कर रही हैं और आय का स्थायी स्रोत नहीं होने के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। योजना के माध्यम से महिलाओं को अपने गांव या स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उन्हें रोजगार के लिए दूसरे क्षेत्रों की ओर पलायन न करना पड़े और वे आत्मनिर्भर बन सकें। योजना के तहत विधवा, निराश्रित, परित्यक्ता, एसिड अटैक पीड़ित तथा अन्य परिस्थितियों में एकल जीवन जी रही पात्र महिलाओं को अधिकतम दो लाख रुपये तक की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक का अनुदान राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराया जाता है। इस आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाएं डेयरी, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, किराना सहित विभिन्न प्रकार के छोटे एवं लघु व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।

इस योजना के पहले चरण में भी सरकार ने बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभान्वित किया था। 10 फरवरी को सीएम धामी ने छह जिलों की 484 महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 3 करोड़ 45 लाख 34 हजार 500 रुपये की सहायता राशि वितरित की थी। उस सहायता से कई महिलाओं ने अपने स्वरोजगार की शुरुआत की, जबकि कई लाभार्थियों ने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की दिशा में काम शुरू किया। अब योजना के दूसरे चरण में अल्मोड़ा, चंपावत, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और देहरादून जनपदों की 212 महिलाओं को पहली किस्त का लाभ मिलेगा। वहीं देहरादून, नैनीताल और टिहरी जनपदों की 276 महिलाओं को दूसरी किस्त जारी की जाएगी।

राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना भी है। सरकार का मानना है कि इस तरह की योजनाओं से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, उनके परिवारों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार आधारित विकास को भी नई गति मिलेगी।