सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रशासन का एक्शन प्लान..
उत्पादन से सप्लाई तक होगी निगरानी..
उत्तराखंड: देहरादून जिले में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल और खुले में कचरा फेंकने की समस्या पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्लास्टिक के उत्पादन से लेकर उसकी आपूर्ति और इस्तेमाल तक पूरी व्यवस्था की निगरानी की जाए। साथ ही, कूड़े की अवैध डंपिंग करने वालों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की जाए। गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई केवल औपचारिक अभियान बनकर नहीं रहनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
प्लास्टिक बनाने वाली इकाइयों की होगी जांच
जिलाधिकारी ने राज्य कर विभाग के अधिकारियों को जिले में प्लास्टिक सामग्री से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को प्लास्टिक निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की आपूर्ति, स्टॉक, उत्पादन क्षमता और वितरण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।इसके अलावा बाजारों में प्रतिबंधित प्लास्टिक पहुंचाने वाले नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य प्रतिबंधित प्लास्टिक की उपलब्धता और इस्तेमाल पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
अवैध डंपिंग साइटों को चिह्नित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) को बल्क वेस्ट जनरेटर और कूड़े की अनधिकृत डंपिंग वाली जगहों की पहचान करने को कहा। ऐसी जगहों पर जमा प्लास्टिक कचरे को हटाकर उसका नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा। नगर निगम और अन्य नगर निकायों को भी उपलब्ध कर्मचारियों तथा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि कचरे के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई गई कॉम्पेक्टर मशीनों के संचालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से पूछा गया कि कितनी मशीनें काम कर रही हैं और इनके जरिए अब तक कितना प्लास्टिक कचरा निस्तारित किया गया है। कालसी क्षेत्र में कूड़े को कॉम्पेक्टर तक पहुंचाने में परेशानी और अधिक लागत आने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने साइट चयन में लापरवाही बरतने वाली टीम के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
देहरादून के 100 वार्डों में चलेगा चेकिंग अभियान
नगर निगम देहरादून के सभी 100 वार्डों में तैनात सेक्टर अधिकारियों को सघन जांच अभियान चलाने के साथ लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध डंपिंग स्थलों की पहचान कर तत्काल सूचना देने और वहां विशेष सफाई अभियान चलवाने के निर्देश दिए गए। प्रतिबंधित प्लास्टिक की आपूर्ति करने वालों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। प्रशासन ने नगर निकायों से कहा है कि सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग किया जाए। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए केवल जुर्माना और कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए लोगों की आदतों में बदलाव लाना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। उन्होंने आमजन को प्लास्टिक से पर्यावरण और मानव जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देने तथा इसके विकल्पों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला प्रशासन, राज्य कर विभाग, नगर निगम, नगर निकायों और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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