September 10, 2026

ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण 40.5% पर अटका, धीमी प्रगति पर प्रशासन सख्त..

ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण 40.5% पर अटका, धीमी प्रगति पर प्रशासन सख्त..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड की पहली इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग परियोजना की सुस्त रफ्तार को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परियोजना की समीक्षा में निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति महज 40.5 प्रतिशत मिलने पर जिलाधिकारी आशीष चौहान ने नाराजगी जताई। उन्होंने काम में देरी के कारणों की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ और जिलाधिकारी की मौजूदगी में हुई समीक्षा के दौरान निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से परियोजना की प्रगति को लेकर जानकारी ली गई। डीएम ने स्पष्ट किया कि पर्याप्त संसाधन और बजट उपलब्ध होने के बावजूद काम की गति संतोषजनक नहीं है। ऐसे में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों या एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के मुख्य अभियंता को परियोजना में देरी के कारणों की जांच करने और जिम्मेदारी तय करने को कहा है। जांच में यदि किसी अधिकारी या कार्यदायी संस्था की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के साथ नुकसान की भरपाई के लिए वसूली की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।

21 करोड़ रुपये रोके जाने पर मांगा जवाब

समीक्षा के दौरान परियोजना से जुड़े करीब 21 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड किए जाने का मुद्दा भी सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित पक्ष से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि जब परियोजना के लिए बजट उपलब्ध है तो निर्माण की रफ्तार में कमी का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कार्यदायी संस्था को साइट पर पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों के साथ जरूरी मशीनरी और निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण से संबंधित लंबित औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने और काम में तेजी लाने को कहा। अब परियोजना की प्रगति की समीक्षा हर 15 दिन में की जाएगी। निर्धारित मानकों और गति के अनुरूप काम नहीं मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

कई महत्वपूर्ण काम अभी भी लंबित

समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि परियोजना के कई जरूरी कार्य तय समय के बावजूद शुरू नहीं हो पाए हैं। एक्सटर्नल सीवरेज सिस्टम, टाइल वर्क, साइट डिप्लॉयमेंट और डोर शटर फिटिंग जैसे काम जून तक शुरू किए जाने थे, लेकिन इन पर अभी तक अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इसके साथ ही परियोजना से संबंधित पार्ट चार्ट में गलत और भ्रामक जानकारी दर्ज किए जाने पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि परियोजना को अब निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कराने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी और काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।