September 4, 2026

शहरों में तेजी से होगा सौंदर्यीकरण, 15 अक्टूबर तक सड़कें होंगी दुरुस्त

शहरों में तेजी से होगा सौंदर्यीकरण, 15 अक्टूबर तक सड़कें होंगी दुरुस्त..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के शहरों को बेहतर सुविधाओं के साथ सुनियोजित और आकर्षक बनाने की दिशा में सरकार ने विकास प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली को तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने लंबित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्हें तय समय में पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है। एमडीडीए में हुई बैठक में सीएम की ओर से हाल में दिए गए निर्देशों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही प्राधिकरण के तहत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, अटकी हुई योजनाओं और आने वाले समय की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि योजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और हर काम के लिए समय-सीमा तय कर उसकी नियमित निगरानी की जाए।

शहरों के सौंदर्यीकरण को लेकर भी प्राधिकरण ने विशेष अभियान की तैयारी की है। आगामी 15 अक्टूबर तक सड़कों की स्थिति सुधारने, सिटी पार्क विकसित करने और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़े कामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट की सुविधा बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। देहरादून के प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण स्थानों को G-20 आयोजन के दौरान किए गए सौंदर्यीकरण की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके तहत सड़कों और डिवाइडरों के साथ चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को बेहतर रूप देने पर जोर रहेगा। हरियाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई को भी योजना में शामिल किया गया है। साथ ही शहर की स्थानीय पहचान और संस्कृति को सौंदर्यीकरण में जगह देने की तैयारी है।

शहरों में बढ़ती पार्किंग की समस्या को लेकर भी प्राधिकरण अब स्थायी समाधान की दिशा में काम करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि केवल अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर पार्किंग की योजना तैयार की जाए। इसके लिए उपलब्ध जमीन, यातायात का दबाव और आने वाले वर्षों की जरूरतों का आकलन किया जाएगा। अवैध निर्माण पर नियंत्रण के लिए तकनीक का सहारा लेने की तैयारी भी तेज कर दी गई है। प्राधिकरण क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों की निगरानी के लिए ड्रोन, जीआईएस और सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। इससे अनधिकृत निर्माण की पहचान शुरुआती स्तर पर करने और समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। जियो-इन्फॉर्मेशन आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम को भी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

बैठक में यह बात भी सामने आई कि विकास प्राधिकरणों की जिम्मेदारी केवल भवनों के नक्शे पास करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शहरों के समग्र विकास में सड़क, पार्किंग, हरियाली, सार्वजनिक सुविधाओं और भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करना जरूरी है। इसी दिशा में एमडीडीए अपनी कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और समयबद्ध बनाने पर काम कर रहा है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप शहरों के विकास को व्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक आगे बढ़ाया जा रहा है। लंबित योजनाओं को गति देने के साथ सड़क, पार्किंग, सिटी पार्क और सार्वजनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर तक सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है और अवैध निर्माण की निगरानी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि लंबित कार्यों की समीक्षा के बाद उनकी समय-सीमा और जिम्मेदार अधिकारियों को तय किया जा रहा है। सड़क सुधार, सौंदर्यीकरण, पार्किंग, सिटी पार्क और पिंक टॉयलेट से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका कहना है कि तकनीक की मदद से अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण के साथ योजनाओं को समय पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।