कुंभ 2027 की सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन, सेक्टरवार निकासी और आपदा प्रबंधन प्लान के निर्देश..
उत्तराखंड: कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आयोजित कराने के लिए शासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बृहस्पतिवार को सचिवालय में संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए विस्तृत और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि पूरे कुंभ क्षेत्र की सेक्टरवार इमरजेंसी एग्जिट प्लान तैयार की जाए, ताकि किसी भी आपदा या अप्रिय स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। उन्होंने भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, अग्निशमन और आपातकालीन निकासी को एकीकृत करते हुए व्यापक आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने पर जोर दिया।
बैठक में भूकंप और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर यानी सीबीआरएन आपात स्थितियों से निपटने के लिए अलग-अलग एसओपी तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि संभावित जोखिमों का आकलन कर सभी जरूरी व्यवस्थाएं मेला शुरू होने से पहले पूरी कर ली जाएं। मुख्य सचिव ने कुंभ मेले के लिए आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की। जहां कमी सामने आए, वहां उसका आकलन कर एसडीआरएफ के माध्यम से जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एटीएस की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि मेले और प्रमुख पर्वों के दौरान अत्यधिक भीड़ को देखते हुए नियमित रूप से मॉक ड्रिल कराई जाए, जिससे विभिन्न एजेंसियां आपात स्थिति में तेजी से और बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई कर सकें। तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान अलग-अलग विभागों से मिलने वाली सूचनाओं, अनुभवों और घटनाओं का व्यवस्थित डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक की मदद से इस डेटा का उपयोग भविष्य में बड़े धार्मिक आयोजनों की योजना और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में किया जा सकेगा।
अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी मजबूत व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कंट्रोल रूम को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और सभी संबंधित विभागों के बीच नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने को कहा गया, ताकि तैयारियों को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सके। बैठक में सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, विनय शंकर पांडेय, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी मौजूद रहे।

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