July 28, 2026

उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती, 42 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति, अल्मोड़ा डायट का होगा कायाकल्प..

उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती, 42 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति, अल्मोड़ा डायट का होगा कायाकल्प..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में अल्मोड़ा स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विशेष शिक्षा के अंतर्गत चयनित 42 नव नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें केवल सरकारी सेवा का अवसर नहीं मिला है, बल्कि समाज और प्रदेश के भविष्य को दिशा देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले शिक्षकों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विशेष शिक्षक दिव्यांग बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगे। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को उसकी आवश्यकता के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है।

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि सामान्य विद्यार्थियों के साथ-साथ दिव्यांग विद्यार्थियों को भी समान अवसर और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए प्रशिक्षित और दक्ष शिक्षकों की नियुक्ति लगातार की जा रही है, जिससे समावेशी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास को भी मजबूत करें। विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए कार्य करने वाले शिक्षकों को संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने अल्मोड़ा स्थित ऐतिहासिक डायट परिसर के विकास से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान में विभिन्न जीर्णोद्धार एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकार ने 13.25 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त डायट के ऐतिहासिक भवन के संरक्षण और मरम्मत के लिए एक करोड़ रुपये अलग से स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद संस्थान में प्रशिक्षण और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के लगभग 22 हजार विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जा रहा है। इन विद्यालयों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल सुविधाएं बढ़ाने, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर बनाने के लिए सरकार शिक्षकों की भर्ती, प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधनों के विस्तार और विद्यालयों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। भविष्य में भी शिक्षा क्षेत्र में कई नई योजनाएं लागू की जाएंगी, जिनका सीधा लाभ विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने परिसर में पौधारोपण भी किया और सभी उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी है। प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर डायट के अधिकारी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन नव नियुक्त शिक्षकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।