July 28, 2026

चारधाम यात्रा दो दिन के लिए बंद, कई मार्ग भूस्खलन से बाधित..

चारधाम यात्रा दो दिन के लिए बंद, कई मार्ग भूस्खलन से बाधित..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में लगातार बिगड़ते मौसम और पहाड़ी इलाकों में बढ़ते भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को एहतियातन दो दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। गढ़वाल मंडल प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन के अनुसार चारधाम यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कई जगह सड़कें मलबे और बोल्डरों से बाधित हो गई हैं, जिससे यात्रा करना जोखिम भरा हो गया है। ऐसे हालात में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यात्रा को फिलहाल रोकने का फैसला लिया गया है।

गढ़वाल मंडल के आयुक्त ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से अगले दो दिनों तक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा पर अस्थायी रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा और सभी मार्ग सुरक्षित पाए जाएंगे, चारधाम यात्रा को दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। इस बीच उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है। पहाड़ी जिलों में जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हो रहा है और जनजीवन पर असर पड़ रहा है।मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के कुछ क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा। इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। जिला प्रशासनों को भी आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य के अन्य जिलों में भी कई स्थानों पर तेज बारिश के दौर पड़ने की संभावना है। लगातार वर्षा के कारण ग्रामीण संपर्क मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग और पर्वतीय सड़कें प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन संबंधित विभागों के साथ मिलकर मार्गों की निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक अपनी यात्रा की योजना स्थगित रखें और बिना आधिकारिक सूचना के आगे बढ़ने का प्रयास न करें। जिन श्रद्धालुओं ने पहले से यात्रा शुरू कर दी है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रुकने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की अपील की है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में बारिश का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। आगामी 2 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने तथा केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।