July 9, 2026

उत्तराखंड के समग्र विकास पर मंथन, नीति आयोग की टीम से सीएम धामी की अहम मुलाकात..

उत्तराखंड के समग्र विकास पर मंथन, नीति आयोग की टीम से सीएम धामी की अहम मुलाकात..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के दीर्घकालिक और समावेशी विकास को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में नीति आयोग के सदस्य प्रो. एम. श्रीनिवास के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, विकास संबंधी चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए योजनाओं और नीतियों का निर्माण स्थानीय जरूरतों और वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में नीति आयोग का सहयोग हमेशा सकारात्मक रहा है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि भविष्य में भी आयोग प्रदेश की विशेष आवश्यकताओं को समझते हुए नीति निर्माण और विकास योजनाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां देश के अन्य राज्यों से अलग हैं, इसलिए यहां के लिए अलग दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।

फ्लोटिंग पॉपुलेशन को नीति निर्माण में मिले स्थान

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक, आध्यात्मिक और पर्यटन की दृष्टि से देश का प्रमुख राज्य है। यहां चारधाम यात्रा, धार्मिक आयोजन, पर्यटन और अन्य गतिविधियों के कारण हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की स्थायी आबादी की तुलना में लगभग सात से आठ गुना अधिक लोग प्रतिवर्ष उत्तराखंड आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, स्वच्छता, सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए योजनाओं के निर्माण, बजट निर्धारण और संसाधनों के आवंटन के समय केवल स्थायी जनसंख्या ही नहीं, बल्कि फ्लोटिंग पॉपुलेशन को भी आधार बनाया जाना चाहिए। इससे वास्तविक जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार की जा सकेंगी। सीएम धामी ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ स्वास्थ्य शिक्षा और जनजागरूकता पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है। यदि लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी और समय पर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो गंभीर बीमारियों की रोकथाम और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है और इस दिशा में नीति आयोग का तकनीकी सहयोग भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

महिला एवं बाल विकास को बताया प्राथमिकता

बैठक में सीएम ने महिला सशक्तीकरण और बाल विकास को उत्तराखंड की विकास यात्रा का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। इसके साथ ही बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने और महिलाओं में एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत है।
कहा कि इन क्षेत्रों में केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनके परिणाम धरातल पर दिखाई देने चाहिए। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित निगरानी जरूरी है। सीएम ने सुझाव दिया कि नीति आयोग के सहयोग से उत्तराखंड में कृषि, बागवानी, पर्यटन, जल संसाधन, जैव विविधता, कौशल विकास तथा अन्य संभावनाओं वाले क्षेत्रों में समय-समय पर विशेषज्ञों के साथ सेमिनार, कार्यशालाएं और विचार-विमर्श आयोजित किए जाएं। इससे प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक, नवाचार आधारित और दीर्घकालिक नीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधनों की अपार संभावनाएं हैं। यदि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर योजनाएं बनाई जाएं तो राज्य रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास, पर्यटन विस्तार और आर्थिक मजबूती के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकता है।

सतत विकास पर रहेगा फोकस

बैठक में राज्य के समग्र और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में ऐसी नीतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो राज्य की प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखते हुए आर्थिक विकास और लोगों के जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित कर सकें। बैठक में नीति आयोग की टीम और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच विभिन्न विकास परियोजनाओं, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा भविष्य की रणनीतियों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। उम्मीद जताई गई कि केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय से उत्तराखंड के विकास को नई गति मिलेगी।