May 20, 2026

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी बारिश का कहर, तीन स्थानों पर भूस्खलन से मची अफरा-तफरी..

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी बारिश का कहर, तीन स्थानों पर भूस्खलन से मची अफरा-तफरी..

 

 

 

उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग जनपद में लगातार खराब हो रहे मौसम ने एक बार फिर केदारनाथ यात्रा को प्रभावित कर दिया। बीती 19 मई की रात हुई तेज बारिश के चलते सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटर मार्ग पर तीन अलग-अलग स्थानों पर भारी भूस्खलन हुआ, जिससे यात्रा मार्ग अचानक बाधित हो गया। पहाड़ियों से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण पूरे क्षेत्र में दहशत और खतरे की स्थिति बनी रही। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मुनकटिया के पास रहा, जहां अचानक पहाड़ी दरकने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। मार्ग बंद होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़क के दोनों ओर फंस गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया और डीसीआर रुद्रप्रयाग द्वारा एसडीआरएफ टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में राहत दल ने सोनप्रयाग से घटनास्थल के लिए रवाना होकर बचाव कार्य शुरू किया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने एहतियातन यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य शुरू किया गया।जिलाधिकारी विशाल मिश्रा पूरी रात हालात पर नजर बनाए रहे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा से समझौता न हो और मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए।

कठिन मौसम और लगातार हो रही बारिश के बावजूद राहत टीमों ने तेजी से काम करते हुए लगभग 30 मिनट के भीतर पैदल यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार कर दिया। इसके बाद फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया गया। पूरी रात जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर जमा मलबा हटाने का कार्य जारी रहा। एसडीआरएफ की टीम ने सड़क के दूसरी ओर फंसे करीब 10,450 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। राहत एजेंसियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है। मलबा हटाने के बाद मार्ग को दोबारा वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।

रातभर चले रेस्क्यू और राहत अभियान के बाद एसडीआरएफ टीम सुरक्षित रूप से अपने कैंप वापस लौटी। मौके पर पुलिस और अन्य आपदा राहत एजेंसियों की तैनाती लगातार जारी रही ताकि यात्रा मार्ग पर स्थिति सामान्य बनी रहे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतने की भी अपील की है। लगातार बदलते मौसम और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रहे भूस्खलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें और प्रशासन द्वारा जारी अपडेट पर नजर बनाए रखें।