April 8, 2026

स्वास्थ्य विभाग की बड़ी तैयारी, चारधाम कंट्रोल रूम में जोड़ी गई ईसीजी सुविधा..

स्वास्थ्य विभाग की बड़ी तैयारी, चारधाम कंट्रोल रूम में जोड़ी गई ईसीजी सुविधा..

 

 

उत्तराखंड: आगामी 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की दिशा में तेजी दिखाई है। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और कई अहम निर्देश जारी किए। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार चारधाम यात्रा के दौरान कंट्रोल रूम में श्रद्धालुओं के लिए ईसीजी (ECG) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए पोर्टेबल मशीनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आपात स्थिति में तुरंत जांच संभव हो सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर स्थापित स्वास्थ्य परीक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस किया जाए। साथ ही इन केंद्रों पर तैनात एंबुलेंस की फिटनेस की जांच भी अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि यात्रा के मद्देनजर बद्रीनाथ और केदारनाथ स्थित अस्पतालों का संचालन भी शुरू किया जाएगा, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हो सकें। इसके साथ ही जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि यात्रियों की स्वास्थ्य जांच सुचारु रूप से हो सके।

बैठक के दौरान मंत्री ने जिलावार स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता की भी समीक्षा की और सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को सख्त निर्देश दिए कि साफ-सफाई के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार पर भी जोर देते हुए कहा कि उन्हें केवल रेफरल केंद्र बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि मरीजों को बेहतर और पूर्ण इलाज उपलब्ध कराना चाहिए। गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने और उपलब्ध मशीनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। चारधाम यात्रा को सुरक्षित सुगम और स्वास्थ्य सेवाओं से सशक्त बनाने के लिए सरकार का यह प्रयास अहम माना जा रहा है।