March 27, 2026

भाजपा की रणनीति में उत्तराखंड की भूमिका अहम, सीएम धामी भी मैदान में उतरेंगे..

भाजपा की रणनीति में उत्तराखंड की भूमिका अहम, सीएम धामी भी मैदान में उतरेंगे..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में संगठनात्मक मजबूती के लिए पहचान बना चुकी भारतीय जनता पार्टी अब अन्य राज्यों के चुनावी मैदान में भी अपनी रणनीति का विस्तार कर रही है। बूथ प्रबंधन में दक्ष मानी जाने वाली राज्य इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पश्चिम बंगाल, असम और केरल जैसे राज्यों में जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन राज्यों में अलग-अलग टीमें भेजी गई हैं, जो स्थानीय स्तर पर चुनावी प्रबंधन को मजबूत करने में जुटी हुई हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व द्वारा उत्तराखंड इकाई की कार्यशैली और बूथ स्तर पर पकड़ की कई बार सराहना की जा चुकी है। इसी अनुभव का लाभ उठाने के लिए इस बार भी विधानसभा चुनावों में राज्य के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका दी गई है। पश्चिम बंगाल में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत के नेतृत्व में टीम तैनात की गई है, जिसमें युवा मोर्चा के करीब 20 पदाधिकारी शामिल हैं। वहीं असम में भी 15 सदस्यीय टीम को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि केरल में संगठन का एक प्रतिनिधि चुनावी समन्वय में लगा हुआ है।

प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार का कहना है कि बूथ प्रबंधन में उत्तराखंड भाजपा की विशेषज्ञता को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने इन टीमों को अन्य राज्यों में भेजने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि मजबूत बूथ संरचना चुनावी सफलता की कुंजी होती है और इसी अनुभव को साझा करने के लिए राज्य के कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। इस बीच सीएम धामी भी जल्द ही बतौर स्टार प्रचारक चुनावी राज्यों का दौरा करने वाले हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वे पश्चिम बंगाल और असम में जनसभाओं को संबोधित कर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का काम करेंगे।

दूसरी ओर राज्य में संगठन आगामी चुनावी प्रक्रियाओं की तैयारी में भी जुटा हुआ है। निर्वाचन आयोग द्वारा प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को ध्यान में रखते हुए पार्टी स्तर पर रणनीति बनाई जा रही है। हाल ही में सीएम की मौजूदगी में विधायकों और मंत्रियों की कार्यशाला आयोजित की जा चुकी है, जिसमें मतदाता सूची से जुड़े कार्यों और संगठन की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। अब अगला फोकस बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर है। इसके तहत बूथ लेवल एजेंट और पन्ना प्रमुखों के प्रशिक्षण के लिए जिला स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। पार्टी का मानना है कि जमीनी स्तर पर मजबूत नेटवर्क ही चुनावी प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभाता है, और इसी दिशा में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कुल मिलाकर एक ओर जहां उत्तराखंड भाजपा अन्य राज्यों में अपने संगठनात्मक कौशल का प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य के भीतर भी आने वाली चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर रणनीतिक तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं।