प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, पीआरडी जवानों के वर्दी भत्ते में की बढ़ोतरी..
उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने प्रांतीय रक्षक एवं विकास दल (पीआरडी) के जवानों को बड़ी राहत देते हुए उनके वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी कर दी है। सरकार ने वर्दी भत्ते को 1500 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा द्वारा आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया गया है। सरकार के निर्णय के अनुसार पीआरडी जवानों को 42 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा करने के बाद हर दो वर्ष में वर्दी भत्ता प्रदान किया जाएगा। पहले यह राशि मात्र 1500 रुपये थी, जिसे लंबे समय से अपर्याप्त माना जा रहा था। जवानों की आवश्यकताओं और महंगाई को देखते हुए राज्य सरकार ने इसमें एक हजार रुपये की महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही शासन ने सर्दी और गर्मी दोनों मौसमों के लिए अलग-अलग यूनिफॉर्म सेट निर्धारित किए हैं, जिससे जवानों को मौसम के अनुसार बेहतर सुविधा और मानक वर्दी उपलब्ध कराई जा सकेगी। यह कदम पीआरडी जवानों के कार्य वातावरण और सम्मान को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। प्रदेशभर में तैनात पीआरडी जवानों ने लंबे समय से वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की थी। सरकार द्वारा भत्ता बढ़ाए जाने के फैसले को जवानों के मनोबल को मजबूत करने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है।
हाल ही में वर्दी भत्ते में की गई बढ़ोतरी पर विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पीआरडी जवान राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में वर्दी भत्ते में यह वृद्धि उनके समर्पण और सेवाभाव का सम्मान है। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पीआरडी जवानों ने चारधाम यात्रा, विभिन्न त्यौहारों, आयोजनों और आकस्मिक परिस्थितियों में हमेशा सराहनीय कार्य किया है। कठिन और विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी जवान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से करते हैं। इसी को देखते हुए उन्होंने पिछले दिनों वर्दी भत्ते में वृद्धि करने के निर्देश दिए थे, जिस पर अब शासन ने औपचारिक मुहर लगा दी है। सरकार के आदेश के अनुसार वर्दी भत्ता 42 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण के बाद दिया जाएगा और इसके बाद प्रत्येक दो वर्ष में यह लाभ मिलता रहेगा। बढ़े हुए वर्दी भत्ते में सामान्य वर्दी के साथ सर्दियों के लिए अंगोरा कमीज-पैंट, ऊनी जर्सी और फर वाली जैकेट शामिल की गई हैं, ताकि जवान कठिन मौसम में भी बेहतर सुविधा के साथ ड्यूटी कर सकें। यह सुविधा फिलहाल केवल सुरक्षा कार्यों में तैनात पीआरडी जवानों को ही मिलेगी और यह जिला युवा कल्याण अधिकारी एवं पीआरडी अधिकारियों की सिफारिश पर प्रदान की जाएगी। मंत्री ने कहा कि पीआरडी जवान प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार उनके हितों के लिए लगातार प्रयासरत है। इस फैसले से प्रदेशभर के पीआरडी जवानों में खुशी की लहर है और इसे उनके मनोबल को बढ़ाने वाला निर्णय माना जा रहा है।

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