
इस बार चारधाम यात्रा मार्ग 15 सुपर जोन, 41 जोन और 137 सेक्टरों में रहेगा..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के लिए इस बार चारधाम यात्रा मार्ग को सुपर 15 जोन, 41 जोन, और 137 सेक्टर में बांटने का निर्णय सुरक्षा और व्यवस्थापन को बेहतर करने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रत्येक सेक्टर की सीमा 10 किलोमीटर तय की गई है। हर सेक्टर में पुलिसकर्मी 24 घंटे गश्त और अन्य ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। इसका उद्देश्य यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करना, ट्रैफिक को नियंत्रित रखना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देना है। यह योजना भीड़ प्रबंधन, आपदा नियंत्रण और यात्रा की समग्र व्यवस्था को मजबूत बनाएगी।
यह चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और हाई-टेक बनाने की दिशा में एक अहम पहल है। इस बार प्रशासन ने जिस विस्तार और गंभीरता से तैयारी की है, वह यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने में निर्णायक साबित हो सकती है। 6,000 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पूरे यात्रा मार्ग पर तैनात रहेंगे, जो सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। पहली बार रेंज कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। इससे पूरे मार्ग की सीधी निगरानी और रीयल-टाइम कम्युनिकेशन संभव होगा। कंट्रोल रूम की कमान एसपी ट्रैफिक देहरादून लोकजीत सिंह के हाथों में होगी। एक अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति से रणनीतिक निर्णयों में तेजी आएगी। यात्रा 2025 के नोडल अधिकारी IG गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप को बनाया गया हैं।
कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा
चारधाम यात्रा की तैयारियों की जानकारी के लिए आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप और यातायात निदेशक एनएस नपलच्याल द्वारा की गई संयुक्त प्रेस वार्ता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार यात्रा को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम अनुभव बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। आईजी गढ़वाल का कहना हैं कि सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ प्रबंधन और आपदा से निपटने की तैयारियों की वह खुद निगरानी करेंगे। इसके साथ ही रेंज कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में प्रभारी के अलावा एक डीएसपी, दो इंस्पेक्टर, चार एसआई के अलावा हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तैनात रहेंगे। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा। साथ ही अन्य विभागों से तालमेल बैठाने के लिए भी एक विशेष डेस्क स्थापित की जाएगी। यह कंट्रोल रूम आगामी पांच दिनों के भीतर सक्रिय कर दिया जाएगा। इसके साथ पुलिस मुख्यालय स्तर पर डीआईजी कानून व्यवस्था धीरेंद्र गुंज्याल के नेतृत्व में एक अलग से चारधाम सेल गठित किया जाएगा। यह पूरी यात्रा से संबंधित सूचनाओं को इकट्ठा करेगा।
नौ एएसपी रहेंगे रूट प्रभारी
चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन ने ग्राउंड से लेकर टॉप लेवल तक मल्टी-लेयर निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को बेहद व्यवस्थित ढंग से तैयार किया है। इस बार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रत्येक स्तर पर अनुभवी अधिकारियों को नियुक्त किया जा रहा है ताकि हर स्थान पर कुशल नियंत्रण और त्वरित निर्णय लिए जा सकें। प्रत्येक धाम में भी एक-एक डीएसपी रैंक के अधिकारी को धाम प्रभारी बनाया गया है। ये अधिकारी अपने-अपने ड्यूटी क्षेत्रों में यात्रा व्यवस्थाओं को संभालेंगे। ट्रैफिक, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और समन्वय की सीधी जिम्मेदारी इनके पास होगी। ये अधिकारी स्थानीय व्यवस्थाओं की निगरानी, सुविधा, कानून-व्यवस्था, और तीर्थयात्रियों के सहयोग को सुनिश्चित करेंगे। रेंज कार्यालय और पुलिस मुख्यालय से सीधी मॉनिटरिंग की व्यवस्था। यात्रा मार्ग पर अधिक से अधिक CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं।
ये रहेगी फोर्स
डीएसपी- 24
इंस्पेक्टर- 66
एसआई- 366
हेड कांस्टेबल- 615
कांस्टेबल- 1222
महिला कांस्टेबल- 208
होमगार्ड- 926
पीआरडी- 1049
पीएसी- 09 कंपनी
एसडीआरएफ- 26 टीम
यातायात और पार्किंग प्रबंधन
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि यातायात प्रबंधन के लिए यातायात निदेशक ने टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण शुरू कर दिया है। मार्ग पर यातायात व्यवस्था के लिए एक ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है।
नए एक्सप्रेस-वे के शुरू होने को देखते हुए यमुनोत्री मार्ग पर अतिरिक्त ठहराव क्षेत्र और पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है।
ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर यमुनोत्री-गंगोत्री धामों के लिए विकासनगर क्षेत्र में एसपी विकासनगर की निगरानी में यात्रियों के ठहरने आदि की व्यवस्था की जाएगी।
सभी जनपद प्रभारियों से फीडबैक लिया जा रहा है और यात्रा मार्ग पर पुलिस बल को तैनात कर दिया जाएगा।
चारधाम कंट्रोल रूम में एक वेलफेयर अधिकारी को भी नियुक्त किया जाएगा जो कि पुलिस और अन्य सहायक टीमों के रहने-खाने और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखेगा।
एसपी ट्रैफिक दून को दूसरे साल भी जिम्मा..
यातायात पुलिस अधीक्षक लोकजीत सिंह को लगातार दूसरे वर्ष चारधाम यात्रा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा रही है। इस बार उन्हें कंट्रोल रूम का प्रभारी बनाया गया है। पिछले साल उनके काम के लिए उन्हें मेडल भी दिया गया था। कंट्रोल रूम में उनके साथ एएसपी मुकेश ठाकुर तकनीकी सहायता के लिए तैनात रहेंगे। इसके साथ ही डीएसपी पूर्णिमा गर्ग भी कंट्रोल रूम में तैनात रहेंगी। आईजी रेंज कार्यालय में स्थापित हो रहे इस सेंटर में सीआईडी इंस्पेक्टर भरत सिंह, सतबीर बिष्ट और दूर संचार इंस्पेक्टर प्रमोद पेटवाल भी मौजूद रहेंगे।
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