October 23, 2026

251 करोड़ रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात, देहरादून में स्टार्टअप को मजबूत करने की पहल..

251 करोड़ रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात, देहरादून में स्टार्टअप को मजबूत करने की पहल..

 

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में आईटी उद्योग को विस्तार देने और युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में अपना कारोबार शुरू करने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में नई पहल की गई है। देहरादून में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के नए इन्क्यूबेशन सेंटर का शुभारंभ किया गया। करीब 30 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में तैयार इस केंद्र के माध्यम से स्टार्टअप, आईटी कंपनियों और छोटे उद्यमों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। कार्यक्रम में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आईटी सचिव डॉ. पंकज पांडेय और एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

चार-पांच लोगों की टीम भी शुरू कर सकेगी काम
एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि देहरादून में संस्थान का केंद्र वर्ष 2006 से संचालित है। अब यहां नई इमारत तैयार की गई है, जिससे तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं और उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इस केंद्र में छोटी टीमों को भी अपना कारोबार शुरू करने का अवसर मिलेगा। चार से पांच सदस्यों वाली टीम भी यहां से आईटी से जुड़ा काम शुरू कर सकेगी। युवाओं को चौबीसों घंटे सुविधाएं देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। उत्तराखंड में आईटी क्षेत्र की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए अरविंद कुमार ने बताया कि एसटीपीआई में पंजीकृत 14 इकाइयों ने राज्य से सॉफ्टवेयर का निर्यात किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से 251.32 करोड़ रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात दर्ज किया गया। इस पहल का उद्देश्य आईटी और आईटीईएस उद्योग के साथ स्टार्टअप तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहित करना है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा करने और प्रदेश से सॉफ्टवेयर निर्यात बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखंड में भी विकसित होगा स्टार्टअप इकोसिस्टम
आईटी सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने कहा कि नए केंद्र से युवाओं को आधुनिक तकनीक सीखने और अपने व्यावसायिक विचारों को वास्तविक कारोबार में बदलने का अवसर मिलेगा। सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता भी किया गया है। इसके तहत दोनों सरकारें मिलकर काम करेंगी। एसटीपीआई की योजना युवाओं को निवेशकों, विशेषज्ञों और मेंटर्स से जोड़ने की है। इससे नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने, तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त करने और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सहायता मिल सकती है।

देहरादून को आईटी हब बनाने की दिशा में प्रयास
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में आईटी क्षेत्र के विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं। उन्होंने राज्य में कृषि भूमि और उत्पादन से जुड़े बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास के लिए जमीन के इस्तेमाल में परिवर्तन के बावजूद कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि उचित नीतियों और सुविधाओं के जरिए देहरादून भी आईटी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकता है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने केंद्र के शुभारंभ पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में उनके छात्र जीवन की यादें जुड़ी हैं। ऐसे में देहरादून में तकनीकी क्षेत्र के विकास के लिए इस तरह की सुविधा शुरू होना उनके लिए खास महत्व रखता है। नया इन्क्यूबेशन सेंटर प्रदेश के युवाओं को तकनीकी उद्यमिता की ओर आकर्षित करने, नए स्टार्टअप को सहयोग देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है। आने वाले समय में इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने नए उद्यम इससे जुड़ते हैं और वे अपने कारोबार को किस स्तर तक आगे बढ़ा पाते हैं।