August 19, 2026

खेल महाकुंभ-2026 को लेकर तैयारियां तेज, न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगे मुकाबले..

खेल महाकुंभ-2026 को लेकर तैयारियां तेज, न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगे मुकाबले..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से खेल महाकुंभ-2026 मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम तय कर दिया है। आयोजन न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विभिन्न चरणों में किया जाएगा। प्रतियोगिताओं की शुरुआत न्याय पंचायत स्तर से होगी। स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं 1 से 10 सितंबर तक आयोजित की जाएंगी। इसके बाद 11 से 20 सितंबर तक विधानसभा स्तर पर विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी और 21 से 30 सितंबर तक संसदीय क्षेत्र स्तर पर सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं होंगी। राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी की प्रतियोगिताएं 10 सितंबर से 30 अक्टूबर तक चलेंगी।

इन खेलों में खिलाड़ी दिखाएंगे दम..
संसदीय क्षेत्र स्तर पर मलखंब, रस्साकशी, गोली (कंचा), फुटबॉल और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताएं सीधे आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा विधानसभा स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को भी आगे की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। राज्य स्तर पर जूडो, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, कराटे, बास्केटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, योगासन, तैराकी, तीरंदाजी, फेंसिंग, कुश्ती, पेंचक सिलाट, पावरलिफ्टिंग, वेटलिफ्टिंग, बेसबॉल और लॉन टेनिस समेत कई खेल शामिल किए गए हैं। कुछ प्रतियोगिताओं में सीधे प्रवेश होगा, जबकि कुछ में खिलाड़ियों का चयन पूर्व स्तर की प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी अवसर
खेल महाकुंभ में महिला ओपन वर्ग के साथ दिव्यांगजन महिला और पुरुष ओपन वर्ग के लिए भी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। निदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल दीप्ति सिंह की ओर से प्रतियोगिताओं को लेकर विस्तृत कार्ययोजना जारी की गई है। विभाग ने संबंधित विभागों से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, खेल महाकुंभ का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को आगे लाना है। प्रतियोगिताओं के जरिए खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।