एक जिला, एक खेल योजना के तहत तीन साल के लिए रखे जाएंगे 14 मुख्य प्रशिक्षक..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में खेल सुविधाओं को मजबूत करने और स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक जिला, एक खेल’ योजना के तहत 14 मुख्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने और विभिन्न खेलों के विकास को गति देने की उम्मीद है। सरकार की योजना के अनुसार प्रदेश के जिलों में मुख्य खेल प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही खेल निदेशालय में भी एक मुख्य प्रशिक्षक नियुक्त किया जाएगा। कुल 14 प्रशिक्षकों को अनुबंध के आधार पर तीन साल के लिए रखा जाएगा। इन पदों पर नियुक्ति भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की ओर से निर्धारित शैक्षिक योग्यता, पात्रता और अनुभव के मानकों के आधार पर की जाएगी। चयनित प्रशिक्षकों को प्रतिमाह 1.45 लाख रुपये का निश्चित मानदेय दिया जाएगा।
जिले की पहचान के अनुसार चुना जाएगा खेल
‘एक जिला, एक खेल’ योजना के तहत प्रत्येक जिले के लिए वहां की परिस्थितियों और खेल संबंधी संसाधनों को ध्यान में रखकर एक खेल निर्धारित किया जाएगा। खेल का चयन करते समय उपलब्ध खेल सुविधाओं के साथ स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय खेलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य जिलों में चुने गए खेल को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाना और खिलाड़ियों को नियमित व बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इससे स्थानीय स्तर पर उभर रही खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर मिल सकेगा। उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के दौरान विभिन्न खेलों के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित की गई थीं। सरकार अब इन संसाधनों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है। नई व्यवस्था के तहत खेल अवस्थापना सुविधाओं को नियमित प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। मुख्य प्रशिक्षकों की तैनाती से खिलाड़ियों को मार्गदर्शन मिलने के साथ ही उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। सरकार की इस पहल को प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और भविष्य के लिए मजबूत खेल ढांचा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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