हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा टला, पहाड़ी से गिरे पत्थर से यात्री घायल..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बदल रहे मौसम के बीच हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मंगलवार को यात्रा के दौरान पहाड़ी से अचानक बोल्डर और पत्थर गिरने से एक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद यात्रा मार्ग पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की तत्परता से घायल यात्री को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी 26 वर्षीय निशान सिंह हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचे थे। यात्रा के दौरान जब वह गोविंदघाट से आगे पैदल मार्ग पर बढ़ रहे थे, तभी पुलना से लगभग चार किलोमीटर आगे अचानक पहाड़ी से पत्थर और बोल्डर गिरने लगे। इसी दौरान एक बड़ा पत्थर उनके सिर पर आ गिरा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
घटना की सूचना मिलते ही गोविंदघाट पुलिस और स्थानीय राहत दल मौके पर पहुंचे। घायल श्रद्धालु की हालत को देखते हुए तत्काल गुरुद्वारा गोविंदघाट की एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए गुरुद्वारा डिस्पेंसरी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन चोट की गंभीरता को देखते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस कर्मियों ने बिना समय गंवाए घायल श्रद्धालु को एंबुलेंस के माध्यम से ज्योतिर्मठ स्थित अस्पताल के लिए रवाना किया। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल घायल श्रद्धालु की हालत स्थिर बनी हुई है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
मौसम बना चुनौती, बढ़ा भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा..
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इन दिनों मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कई क्षेत्रों में तेज बारिश, आंधी और तूफान की स्थिति बनी हुई है। मौसम में अचानक हो रहे बदलाव के कारण पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसका असर चारधाम और हेमकुंड साहिब जैसी प्रमुख धार्मिक यात्राओं पर भी देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरते समय विशेष सतर्कता बरतें। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर हुई इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।

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