श्री बदरीनाथ धाम में कपाट बंद होने की परंपरागत प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सोमवार को पंच पूजा के चौथे दिन माता लक्ष्मी के सम्मान में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी और कढ़ाई भोग प्रसाद अर्पित किया जाएगा।
‘कढ़ाई भोग’ को कपाट बंद होने की प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। इसमें माता महालक्ष्मी को भगवान बदरीविशाल के साथ शीतकाल में गर्भगृह में विराजमान होने का निमंत्रण दिया जाता है।
आज के दिन रावल लक्ष्मी मंदिर में पहुंचकर माता लक्ष्मी से विनती करेंगे कि वे श्री हरि नारायण के साथ बने रहें और भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें। साथ ही धाम परिसर को गेंदे, चमेली और अन्य पुष्पों से भव्य रूप से सजाया जाएगा ताकि कपाट बंद होने से पूर्व मंदिर का सौंदर्य और दिव्यता अपने चरम पर रहे।

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