पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण, राष्ट्रपति मुर्मु ने किया सम्मानित..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के पूर्व सीएम और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में उन्हें लोक कार्य और सार्वजनिक जीवन में उनके लंबे योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया। समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस वर्ष आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्वारा कुल 66 हस्तियों को विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण दिए जाने को राज्य के लिए गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है।
उत्तराखंड की राजनीति और सामाजिक जीवन में “भगत दा” के नाम से लोकप्रिय भगत सिंह कोश्यारी लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे हैं। वे सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े वरिष्ठ नेता के रूप में पहचान रखते हैं। उन्होंने अपना जीवन समाज सेवा, शिक्षा के प्रसार और गरीब एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। कोश्यारी का जन्म 17 जून 1942 को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के दूरस्थ गांव पलानधुरा में हुआ था। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े होने के बावजूद उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 1964-65 के दौरान उत्तर प्रदेश के एटा जिले स्थित राजा का रामपुर में व्याख्याता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की।
हालांकि बाद में उन्होंने शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम करने का निर्णय लिया और पूरी तरह सामाजिक तथा वैचारिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित स्वयंसेवक रहे हैं और अपनी सादगी, अनुशासन तथा जनसंपर्क शैली के लिए पहचाने जाते हैं। राजनीतिक जीवन की बात करें तो वर्ष 1997 में उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वे राज्य की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। बाद में उन्होंने उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा वे उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे।
राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्ष 2008 में वे राज्यसभा सदस्य चुने गए और 2014 में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट से सांसद बने। इसके बाद 5 सितंबर 2019 को उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया। वहीं अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था। भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण मिलने पर उत्तराखंड भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे देवभूमि के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भगत सिंह कोश्यारी के दशकों लंबे जनसेवा, राष्ट्रसेवा और सादगीपूर्ण जीवन को समर्पित है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी खुशी जताते हुए कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान केवल भगत सिंह कोश्यारी का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड का सम्मान है।

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