केदारनाथ यात्रा के दौरान बुजुर्ग श्रद्धालु की बिगड़ी तबीयत, प्रशासन ने तत्काल कराया एयरलिफ्ट..
उत्तराखंड: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में रविवार को दर्शन के लिए पहुंचे एक बुजुर्ग तीर्थयात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। श्रद्धालु को सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई, जिसके बाद धाम में तैनात चिकित्सा एवं रेस्क्यू टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को विवेकानंद हॉस्पिटल, केदारनाथ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उनकी हालत गंभीर पाते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद हेलीकॉप्टर की सहायता से उन्हें एम्स ऋषिकेश भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीमार पड़े श्रद्धालु की पहचान राम प्रकाश यादव (66 वर्ष), निवासी बिहार के रूप में हुई है। बताया गया कि दर्शन के दौरान उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य श्रद्धालुओं ने तत्काल इसकी सूचना रेस्क्यू टीम को दी। सूचना मिलते ही चिकित्सा दल आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचा और मरीज को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
इसके बाद स्ट्रेचर के माध्यम से उन्हें विवेकानंद हॉस्पिटल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान पाया कि मरीज को तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना समय गंवाए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन और हेलीकॉप्टर सेवा के बीच समन्वय स्थापित किया गया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मरीज को एयर एंबुलेंस के जरिए एम्स ऋषिकेश के लिए रवाना किया गया। अधिकारियों ने कहा कि गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मामलों में समय पर उपचार और त्वरित निर्णय बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने की घटनाओं में तत्काल चिकित्सा सहायता और शीघ्र रेफरल मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस मामले में भी रेस्क्यू टीम, चिकित्सा कर्मियों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल के कारण मरीज को समय रहते उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध कराया जा सका।
चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। समुद्र तल से करीब 11,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ में ऑक्सीजन का स्तर मैदानी क्षेत्रों की तुलना में कम रहता है। ऐसे में बुजुर्गों, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, दमा, श्वास संबंधी बीमारियों या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक माना जाता है। स्वास्थ्य विभाग लगातार यात्रियों से अपील कर रहा है कि यात्रा शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराएं और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही यात्रा करें। यदि यात्रा के दौरान सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक थकान, चक्कर आना, बेचैनी या अन्य कोई गंभीर लक्षण महसूस हों तो उन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत निकटतम मेडिकल पोस्ट या रेस्क्यू टीम से संपर्क करें।
प्रशासन की ओर से केदारनाथ धाम और यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक मजबूत किया गया है। धाम में डॉक्टरों की विशेष टीम, मेडिकल रिलीफ पोस्ट, एंबुलेंस, आपदा प्रबंधन दल और हेलीकॉप्टर सेवाएं चौबीसों घंटे सक्रिय रखी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं उपचार उपलब्ध कराया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तरह सतर्क हैं। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम हर समय तैयार रहती है, जिससे जरूरतमंद श्रद्धालुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और किसी भी गंभीर स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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