उत्तराखंड में यहां बादल फटने से मची भारी तबाही..
इमारत-दुकानें जमीदोंज, मार्ग बाधित..
उत्तराखंड: प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश लगातार हो रही है। भारी बारिश से तबाही जारी है, जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है तो वहीं बारिश के बीच केदारघाटी और चमोली में पीपलकोटी में बादल फटने से तबाही मच गई। बताया जा रहा है कि यहां मलबे के ढेर में कई गाड़ियां दब गईं। नगर पंचायत पीपलकोटी का कार्यालय पूरी तरह मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है।
जानकारी के अनुसार उत्तराखंड में रविवार को प्रदेश के चमोली के पीपलकोटी में बारिश ने जमकर तबाही मचाई। देर रात से हो रही बारिश के कारण कई गाड़ियां बह गईं। बादल फटने के कारण मलबे के ढेर में कई गाड़ियां दब गईं। नगर पंचायत पीपलकोटी का कार्यालय पूरी तरह मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है। यहां रह रहे सफाईकर्मियों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। बादल फटने के बाद वे यहां से सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
वहीं केदारघाटी में रात 1 बजे बादल फटने से टेंटों में करीब छह लोग फंस गए। केदारनाथ के पैदल रास्ते पर बड़ी लिंचलोली में बादल फटा टेंटों में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर निकाला गया। एक व्यक्ति का अभी भी रेस्क्यू नहीं हो सका है। प्रशासन की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। बादल फटने के बाद छानी कैम्प की 3 दुकानों को नुकसान हुआ है। पैदल मार्ग पर मलबे के आने से आवागमन बंद हो गया।
वहीं दूसरी ओर रुद्रप्रयाग संगम के पास दोनों नदियां उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद अलकनंदा और मंदाकिनी में सैलाब आ गया है। नदियों की तेज धारा लोगों को डरा रही है। बाढ़ का पानी से निचले इलाकों में प्रलय आ गया। हनुमान गुफा जलमग्न हो चुका है। घरों में पानी घुसने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निचले इलाकों के लोग घर खाली कर पलायन करने लगे। पुलिस प्रशासन मुनादी कराकर खतरे के प्रति लोगों को सचेत कर रहा है।

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