January 31, 2026

8 दशकों से गुणवत्ता की रीढ़ बना BIS, स्थापना दिवस पर सीएम धामी का संदेश..

8 दशकों से गुणवत्ता की रीढ़ बना BIS, स्थापना दिवस पर सीएम धामी का संदेश..

 

 

उत्तराखंड: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर सीएम ने BIS की भूमिका को देश की गुणवत्ता संस्कृति की आधारशिला बताते हुए कहा कि पिछले आठ दशकों में संस्था ने गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। सीएम धामी ने कहा कि BIS ने “गुणवत्ता ही पहचान” के मंत्र को केवल एक विचार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे व्यवहार में उतारते हुए देश के हर नागरिक के जीवन को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में भारतीय मानक संस्था के रूप में शुरू हुई यह यात्रा आज भारत की औद्योगिक, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव बन चुकी है। सीएम ने कहा कि BIS द्वारा मानकीकरण, प्रमाणीकरण और गुणवत्ता परीक्षण के माध्यम से भारतीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार किया गया है। इससे न केवल उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि उपभोक्ताओं के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत हुई है।

सीएम ने कहा कि वर्तमान समय में मानकीकरण केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका दायरा कृषि, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, ऊर्जा, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक फैल चुका है। डिजिटल सुरक्षा, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन, रिसाइकिल सामग्री और हरित ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में BIS द्वारा तय किए जा रहे मानक भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कहा कि BIS सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप Ecology और Economy के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA), यूपीसीएल सहित विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर BIS द्वारा मानकीकरण से जुड़ी जागरूकता और सहयोगात्मक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने BIS से जुड़े अधिकारियों और विशेषज्ञों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्ता आधारित विकास ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले वर्षों में BIS नई तकनीकों और नवाचारों के अनुरूप और अधिक प्रभावी मानक विकसित करेगा।