September 28, 2026

उत्तराखंड में 136 ट्रेकर्स के रेस्क्यू के लिए प्रशासन मुस्तैद..

उत्तराखंड में 136 ट्रेकर्स के रेस्क्यू के लिए प्रशासन मुस्तैद..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से जारी बारिश ने पहाड़ी इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन और जलभराव की स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी और देहरादून में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, राज्य के दूसरे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून में न्यूनतम तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस, जबकि टिहरी में यह करीब 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की
बारिश और उससे उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने रविवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर प्रदेश की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी जिलाधिकारियों से उनके क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी के राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन को मौसम और सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।

136 ट्रेकर्स के रेस्क्यू की तैयारी
बारिश के बीच सबसे बड़ी चिंता ऊंचाई वाले ट्रेकिंग रूटों पर मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर है। उत्तरकाशी में 10 अलग-अलग ट्रेकिंग दलों के 136 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर रेस्क्यू की तैयारी की गई है। वहीं बागेश्वर में मौसम खराब होने के कारण 43 ट्रेकर्स को सुरक्षित स्थान पर रोक दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि इन ट्रेकर्स को फंसा हुआ नहीं माना जा रहा है। मौसम में सुधार और मार्ग की स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे भेजने पर फैसला लिया जाएगा।

रेस्क्यू के लिए अतिरिक्त हेलीकॉप्टर रखने के निर्देश
मुख्य सचिव ने बचाव अभियान के लिए पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। यूकाडा के जरिए हेलीकॉप्टरों को तैयार रखने के साथ ही जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने को कहा गया है। पहाड़ी और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदलने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों को रेस्क्यू प्लान में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव करने के लिए भी कहा गया है।

हर हेलीकॉप्टर में सैटेलाइट फोन जरूरी
रेस्क्यू अभियान के दौरान संचार व्यवस्था को मजबूत रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि अभियान में इस्तेमाल होने वाले प्रत्येक हेलीकॉप्टर में सैटेलाइट फोन उपलब्ध हो। इसका उद्देश्य ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में भी संपर्क बनाए रखना है, जहां मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता। रेस्क्यू के बाद ट्रेकर्स की स्वास्थ्य जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को भी तैयार रहने को कहा गया है। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

चारधाम यात्रा पर भी मौसम के हिसाब से फैसला
बारिश के चलते चारधाम यात्रा को लेकर भी प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा का संचालन मौसम और सड़क की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाए। अगर अत्यधिक बारिश के कारण रास्ते बंद होते हैं या किसी मार्ग पर खतरा बढ़ता है तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाएगा। परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी जाएगी। लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए सभी जिलों में चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते सूचना देने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है। इसके अलावा बांधों और बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में पहले से सूचना पहुंचाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस संवेदनशील इलाकों की निगरानी, ट्रेकर्स और यात्रियों की सुरक्षा तथा किसी भी आपात स्थिति में तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने पर है। अगले 24 घंटे के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।