केदारनाथ धाम यात्रा से पहले एक्शन मोड में प्रशासन, विधायक का ग्राउंड निरीक्षण..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं। विशेष रूप से केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। इस वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए 22 अप्रैल को खोले जाएंगे, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने गुप्तकाशी से गौरीकुंड होते हुए घोड़ापड़ाव तक पूरे यात्रा मार्ग का जायजा लिया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे और अपने-अपने कार्यों की प्रगति की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने राष्ट्रीय राजमार्ग-107 के अंतर्गत आने वाले संवेदनशील क्षेत्रों का विशेष रूप से अवलोकन किया। उन्होंने गुप्तकाशी तिराहा, बड़ासू, खुमेरा, मैंखंडा, व्योगाड़, रामपुर, सिरसी, सोनप्रयाग और मुनकटिया जैसे भूस्खलन एवं भू-धंसाव संभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग पर पड़े मलबे को हटाया जाए, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और संवेदनशील स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा व ट्रीटमेंट कार्य समय से पूरे किए जाएं।
विधायक ने यात्रा मार्ग पर चल रहे सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने चट्टानों में फंसे पत्थरों को हटाने, सड़कों की मरम्मत (पैचवर्क), झाड़ी कटान, आवश्यक साइनेज और क्रैश बैरियर लगाने के कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने विशेष जोर देते हुए मार्ग पर पर्याप्त शौचालय और मोबाइल टॉयलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने, महिलाओं के लिए सेनेटरी पैड डिस्पोजल मशीन लगाने, नियमित सफाई और जल आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके अलावा महत्वपूर्ण स्थलों पर सोलर लाइट की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान सीतापुर पार्किंग का भी अवलोकन किया गया, जहां पार्किंग प्रबंधन, शटल सेवा संचालन, मैकेनिक सुविधा, कैंटीन, शौचालय और पुलिस चेकपोस्ट की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग मजबूत करने और विश्राम स्थलों पर पर्याप्त बेंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इस दौरान विधायक ने स्थानीय होटल संचालकों और घोड़ा-खच्चर संचालकों से भी संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। प्रशासन का लक्ष्य इस वर्ष केदारनाथ यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

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