7 महीने का इंतजार खत्म, गांव में बस पहुंचते ही खुशी से झूम उठे लोग..
उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग के बसुकेदार तहसील के अंतर्गत छेनागाड़ क्षेत्र में आई भीषण आपदा के करीब सात महीने बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। लंबे समय से बाधित पड़ी यातायात व्यवस्था अब पटरी पर लौटती नजर आ रही है। हरिद्वार से बसुकेदार-छेनागाड़ मोटर मार्ग पर हिमगिरि बस सेवा के दोबारा शुरू होने से क्षेत्रवासियों में राहत और खुशी का माहौल है। बता दे कि 28 अगस्त 2025 को छेनागाड़ क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा ने सड़क संपर्क को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था। इसके बाद से हरिद्वार से संचालित हिमगिरि बस सेवा और देहरादून से चलने वाली विश्वनाथ सेवा बंद हो गई थी, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कई महीनों तक लोगों को जरूरी कामों के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ी।
अब पुनः शुरू हुई बस सेवा के तहत हिमगिरि बस सुबह 5 बजे हरिद्वार से रवाना होकर दोपहर 2 बजे अगस्त्यमुनि पहुंची और शाम करीब 5 बजे छेनागाड़ से पहले पाट्यूं बाजार तक पहुंची। हालांकि बस सेवा अभी छेनागाड़ तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई है, लेकिन इसके शुरू होने से ही लोगों को बड़ी राहत मिली है और क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगी है। बस सेवा की बहाली को स्थानीय लोगों के लंबे संघर्ष का परिणाम माना जा रहा है। बीते महीने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने तालजामण के प्रधान दीनानाथ, जोला बड़ेथ की प्रधान दीपा देवी और पूर्व प्रधान शिवानंद नौटियाल के नेतृत्व में भूख हड़ताल की थी। आंदोलन के दौरान क्षेत्रीय विधायक आशा नौटियाल मौके पर पहुंचीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। अब बस सेवा के पुनः संचालन को उसी आश्वासन की परिणति के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह नेगी सहित कई ग्रामीणों ने बस सेवा शुरू होने पर संतोष जताया है, लेकिन साथ ही मांग भी उठाई है कि इस बस को पाट्यूं बाजार से आगे छेनागाड़ और तालजामण तक नियमित रूप से संचालित किया जाए। इसके अलावा देहरादून से संचालित विश्वनाथ बस सेवा को भी जल्द बहाल करने की मांग तेज हो गई है, ताकि क्षेत्र के लोगों को पूरी तरह सुगम यातायात सुविधा मिल सके। विधायक आशा नौटियाल ने कहा है कि क्षेत्र में आपदा के बाद प्रभावित बुनियादी ढांचे को पुनर्स्थापित करना प्राथमिकता में है और जनहित से जुड़े सभी मुद्दों पर लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही शेष मार्गों पर भी यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बहाल किया जाएगा। बता दे कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हर साल प्राकृतिक आपदाएं सड़कों और संपर्क मार्गों को भारी नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे में मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य में महीनों लग जाते हैं, जिससे स्थानीय लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है। कई बार लोगों को आवश्यक सेवाओं के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता है। ऐसे में बस सेवा की बहाली न केवल आवागमन को आसान बनाती है, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी गति देती है।

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