October 8, 2026

एक नवंबर से बदल जाएगी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था, उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत..

एक नवंबर से बदल जाएगी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था, उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में नया बिजली कनेक्शन लेना अब पहले के मुकाबले आसान होने जा रहा है। उपभोक्ताओं को कनेक्शन के लिए बिजली दफ्तरों के चक्कर लगाने और एस्टीमेट तैयार होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने नए कनेक्शनों की दरों को पहले से निर्धारित करने की व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था प्रदेशभर में 1 नवंबर से प्रभावी होगी। आयोग के मुताबिक, नए नियमों का उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। यह व्यवस्था केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के Electricity (Rights of Consumers) Rules के प्रावधानों के अनुरूप लागू की जा रही है।

150 किलोवाट तक के कनेक्शन में प्रक्रिया होगी आसान
नई व्यवस्था के तहत 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए अधिकारियों द्वारा अलग-अलग व्यक्तिगत एस्टीमेट तैयार करने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही बार-बार साइट निरीक्षण की प्रक्रिया भी कम होगी। कनेक्शन के लिए निर्धारित शुल्क पहले से तय होने के कारण उपभोक्ता को शुरुआत में ही खर्च का अंदाजा मिल सकेगा।बिजली के खंभे से उपभोक्ता के परिसर तक की दूरी को लेकर भी नियमों में बदलाव किया गया है। पहले लागू 40 मीटर की सीमा को अब बढ़ाकर 300 मीटर तक किया गया है। यानी 300 मीटर तक की दूरी के लिए निर्धारित शुल्क आवेदन के समय ही जमा कराया जा सकेगा।अगर बिजली लाइन की दूरी 300 मीटर से अधिक है, तो उपभोक्ता को पहले 300 मीटर तक की निर्धारित राशि जमा करनी होगी। इसके बाद बची हुई दूरी के लिए संबंधित बिजली अधिकारी को 15 दिन के भीतर तय स्लैब के आधार पर अतिरिक्त शुल्क की जानकारी देनी होगी।

उपभोक्ताओं को मिलेगी शुल्क और प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी
नियामक आयोग का मानना है कि पहले से निर्धारित दरों से नए कनेक्शन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। उपभोक्ता को यह स्पष्ट रहेगा कि कनेक्शन के लिए कितना शुल्क देना है और अतिरिक्त दूरी होने पर कितना खर्च आएगा। इससे अनावश्यक देरी के साथ ही कनेक्शन प्रक्रिया को लेकर होने वाली असमंजस की स्थिति भी कम होने की उम्मीद है।