विज्ञान और तकनीक को बढ़ावा देने की पहल..
सीएम धामी ने किया प्रीमियर लीग के पोस्टर का विमोचन..
उत्तराखंड: तकनीकी विश्वविद्यालय में आयोजित हिमालय दिवस कार्यक्रम के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित पांच प्रमुख कार्यक्रमों के पोस्टर जारी किए। कार्यक्रम का आयोजन यूकॉस्ट, हेस्को और उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की ओर से किया गया। सीएम ने जिन कार्यक्रमों के पोस्टरों का विमोचन किया, उनमें 7वां देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टिवल, साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग, सीमांत बाल विज्ञान कांग्रेस, ज्ञानोत्कर्ष और 21वीं उत्तराखंड राज्य साइंस कॉन्फ्रेंस शामिल हैं। इस दौरान सीएम ने विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली पत्रिका ‘विज्ञान संप्रेषण’ के पांचवें वार्षिक अंक का भी विमोचन किया।
हिमालय को बताया उत्तराखंड की पहचान और जीवन का आधार
कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि हिमालय उत्तराखंड के लिए सिर्फ पर्वतों की श्रृंखला नहीं है, बल्कि प्रदेश की संस्कृति, पहचान और जीवन व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही हिमालय ऋषि-मुनियों, साधकों और चिंतकों की तपस्थली रहा है। गंगा और यमुना समेत कई प्रमुख नदियों का उद्गम भी हिमालयी क्षेत्र से होता है। जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का असर हिमालयी क्षेत्रों में लगातार महसूस किया जा रहा है। ग्लेशियरों पर बढ़ता दबाव, पारंपरिक जल स्रोतों का प्रभावित होना और मौसम से जुड़ी चरम घटनाएं हिमालय के सामने नई चुनौतियां पैदा कर रही हैं। उन्होंने अतिवृष्टि, भूस्खलन, वनाग्नि और अचानक आने वाली बाढ़ जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमालय की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विकास की दिशा तय करनी होगी। विकास कार्यों में विज्ञान और तकनीक के साथ सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
कार्यक्रम में विधायक किशोर उपाध्याय, पद्मभूषण से सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत, यूटीयू के कुलसचिव डॉ. राजेश उपाध्याय, यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डॉ. डीपी उनियाल और डीआईएसटीएफ के आयोजन सचिव डॉ. कुँवर राज अस्थाना समेत वैज्ञानिक, शिक्षक, छात्र और अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रहलाद ठाकुर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजेश उपाध्याय ने दिया।

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