August 12, 2026

चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं का आंकड़ा 47 लाख पार..

चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं का आंकड़ा 47 लाख पार..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा लगातार नए आंकड़े छू रही है। यात्रा शुरू होने के 114 दिनों के भीतर चारधामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के पार पहुंच गई है। पिछले साल इसी अवधि की तुलना में इस बार करीब 4.68 लाख अधिक श्रद्धालु धामों में पहुंचे हैं। मानसून के दौरान बारिश और भूस्खलन की चुनौतियों के बावजूद यात्रा जारी है और श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस साल 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ था। 10 अगस्त तक बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कुल 47.03 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान 42 लाख 34 हजार 147 यात्रियों ने चारधाम के दर्शन किए थे।

आंकड़ों के अनुसार, इस यात्रा सीजन में अब तक बद्रीनाथ धाम में 16.12 लाख से अधिक, केदारनाथ में 14.50 लाख, गंगोत्री में 7.38 लाख और यमुनोत्री धाम में 6.62 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब में भी 2.40 लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। मानसून के सक्रिय होने और कई इलाकों में मौसम खराब रहने के बावजूद श्रद्धालुओं का धामों तक पहुंचने का सिलसिला जारी है। सोमवार को ही चारों धामों में 15,376 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इनमें बदरीनाथ में 9,559, केदारनाथ में 4,170, गंगोत्री में 1,204 और यमुनोत्री में 443 यात्रियों ने दर्शन किए।

सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर..

बारिश और भूस्खलन को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ाई है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ यात्रियों के लिए ठहरने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आपदा की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव कार्य तत्काल शुरू करने के लिए जिलास्तर पर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी भी राज्य आपदा नियंत्रण तंत्र के माध्यम से यात्रा व्यवस्थाओं और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। सरकार का कहना है कि मानसून के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा का संचालन सावधानी और निगरानी के साथ किया जा रहा है। बेहतर व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस साल चारधाम यात्रा के नए रिकॉर्ड की उम्मीद बढ़ गई है।