May 15, 2026

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में एडमिशन के लिए फिर खुलेगा मौका, सरकार की नई पहल..

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में एडमिशन के लिए फिर खुलेगा मौका, सरकार की नई पहल..

 

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। इसी दिशा में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में प्रवेश से वंचित रह गई प्रतिभाशाली छात्राओं को अब एक और अवसर मिलने जा रहा है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योग्य और मेधावी छात्राओं के लिए स्पॉट ट्रायल आयोजित कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाए। सरकार का मानना है कि जानकारी के अभाव या अन्य कारणों से कई प्रतिभाशाली छात्राएं समय पर आवेदन नहीं कर सकीं। ऐसे में उनकी प्रतिभा को अवसर देने के उद्देश्य से यह विशेष व्यवस्था लागू की जा रही है। खेल मंत्री ने कहा कि राज्य की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है और किसी भी प्रतिभा को अवसर से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के लिए इस बार छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला है। अब तक कॉलेज में प्रवेश के लिए 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। खेल विभाग के अनुसार कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्राओं ने आवेदन किए हैं, जिससे साफ है कि प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। खेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। साथ ही उन्होंने कॉलेज के संचालन को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को जल्द पूरा करने को कहा। बैठक में बताया गया कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 16 नए पद सृजित किए गए हैं। इन पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएंगी, ताकि छात्राओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकें। सरकार का लक्ष्य कॉलेज को आधुनिक खेल सुविधाओं से लैस करना है, जिससे यहां प्रशिक्षण लेने वाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

एक जुलाई से शुरू होगा पहला शैक्षणिक सत्र..

सरकार ने महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का पहला सत्र एक जुलाई से शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। अधिकारियों को समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज में खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ शिक्षा की भी बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि छात्राएं खेल और पढ़ाई दोनों में आगे बढ़ सकें। बैठक में हल्द्वानी में स्थापित किए जा रहे खेल विश्वविद्यालय की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विश्वविद्यालय से जुड़ी सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं, ताकि इसी शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू की जा सकें। सरकार का मानना है कि खेल विश्वविद्यालय शुरू होने से उत्तराखंड में खेल शिक्षा और प्रशिक्षण को नई दिशा मिलेगी। यहां आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की मदद से खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। खेल मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान और प्रोत्साहन देना सरकार की प्राथमिकता है। इस संबंध में जल्द विज्ञप्ति जारी की जाएगी। जानकारी के अनुसार प्रक्रिया को गति देने के लिए मुख्यमंत्री के साथ बैठक का समय मांगा गया है, ताकि नियुक्तियों से जुड़े निर्णय जल्द लिए जा सकें। राज्य सरकार अब स्पोर्ट्स हॉस्टलों को खेल नर्सरी के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इसका पायलट प्रोजेक्ट इसी वर्ष शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य कम उम्र से ही खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। बैठक में आगामी राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। खिलाड़ियों के चयन, प्रशिक्षण शिविर, बेहतर खानपान, आवास और यात्रा सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। सरकार ने इन योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट की मांग भी की है। सरकार को उम्मीद है कि इन प्रयासों से आने वाले समय में उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।