नंदप्रयाग स्लाइडिंग क्षेत्र में कार्य के चलते 9 दिन रात में बंद रहेगा मार्ग..
उत्तराखंड: आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध रूप से संचालित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रमुख मार्गों पर आवश्यक सुधार कार्य भी तेजी से शुरू कर दिए गए हैं। इसी क्रम में बद्रीनाथ राजमार्ग पर स्थित नंदप्रयाग के संवेदनशील खिसकन क्षेत्र में विशेष सुधार कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, जो लंबे समय से यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ था। प्रशासन द्वारा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को अस्थायी रूप से नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। जारी आदेशों के अनुसार 12 अप्रैल से 20 अप्रैल तक प्रतिदिन रात्रि 9 बजे से प्रातः 5 बजे तक बद्रीनाथ राजमार्ग के इस हिस्से में सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी।
इस अवधि में मार्ग के दोनों ओर से आने-जाने वाले वाहनों को नंदप्रयाग, सैकोट, कोठियालसैंण, चमोली वैकल्पिक मार्ग से होकर भेजा जाएगा, ताकि यात्रियों को न्यूनतम असुविधा के साथ आवागमन की सुविधा मिलती रहे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग पर उच्च गुणवत्ता वाली कंक्रीट से सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है, जिससे सड़क को अधिक मजबूत और दीर्घकाल तक टिकाऊ बनाया जा सके। यह तकनीक विशेष रूप से भारी वाहनों के दबाव को सहन करने के लिए अपनाई जाती है। हालांकि, लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था और कार्य की गति धीमी पड़ रही थी। ऐसे में कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए रात्रिकालीन यातायात पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक समझा गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा प्रारंभ होने से पहले इस सुधार कार्य को हर हाल में पूर्ण किया जाएगा, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की बाधा या जोखिम का सामना न करना पड़े। इसके लिए कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया है कि वह अतिरिक्त मशीनों और श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित करे तथा कार्य को तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरा करे। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वैकल्पिक मार्ग का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया है। निरीक्षण के दौरान मार्ग के किनारे स्थित बाजारों और बस्तियों में स्थानीय निवासियों से संवाद स्थापित कर उन्हें जागरूक किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने वाहनों को सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से खड़ा न करें और केवल निर्धारित एवं सुरक्षित स्थानों पर ही वाहन खड़े करें, ताकि यातायात संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने सभी वाहन चालकों और आमजन से सहयोग की अपील की है। उनसे अनुरोध किया गया है कि वे निर्धारित समय का पालन करते हुए अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह भी कहा गया है कि थोड़ी सी सावधानी और सहयोग से न केवल निर्माण कार्य समय पर पूरा होगा, बल्कि चारधाम यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव भी प्राप्त होगा। प्रशासन का मानना है कि यह कदम केवल एक अस्थायी व्यवस्था नहीं, बल्कि भविष्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहल है, जो बद्रीनाथ मार्ग को अधिक सुरक्षित, सुदृढ़ और यात्रा के अनुकूल बनाने में सहायक सिद्ध होगी। आने वाले समय में इस सुधार कार्य का सीधा लाभ लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिससे यात्रा अनुभव पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित बन सकेगा।

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