April 11, 2026

ग्रामीण विकास को रफ्तार, उत्तराखंड के हर ब्लॉक में तैयार होंगे मॉडल गांव..

ग्रामीण विकास को रफ्तार, उत्तराखंड के हर ब्लॉक में तैयार होंगे मॉडल गांव..

 

 

 

 

उत्तराखंड: प्रदेश में ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से पंचायतीराज विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं, विकास कार्यों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंचायती राज मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं। बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि प्रदेश की 7817 ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और इन्हें सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्राम पंचायतें पंचायतीराज व्यवस्था की सबसे छोटी लेकिन सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं, इसलिए इनका समग्र विकास सुनिश्चित करना आवश्यक है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे ग्राम स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यों को तेजी से पूरा करें।

मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए एक नई पहल की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक ब्लॉक में लगभग पांच गांवों को “मॉडल गांव” के रूप में विकसित किया जाएगा। इन मॉडल गांवों को आधार बनाकर अन्य ग्राम पंचायतों के विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिससे पूरे क्षेत्र में संतुलित और प्रभावी विकास सुनिश्चित हो सके। स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं को लेकर भी बैठक में विशेष फोकस रहा। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में ड्रेनेज सिस्टम को सुदृढ़ किया जाए और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को आधुनिक एवं प्रभावी बनाया जाए। जिन पंचायतों में पंचायत भवन नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण कार्य शुरू करने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पंचायत भवनों के निर्माण के लिए हर वर्ष पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका उपयोग सही तरीके से करते हुए ग्राम पंचायतों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जाए। साथ ही, पंचायत भवनों और अन्य विकास कार्यों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे और किसी प्रकार की लापरवाही न हो। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे, इसके लिए जवाबदेही तय की जाएगी और कार्यों की सतत निगरानी की जाएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार हो सके।