March 30, 2026

रुद्रप्रयाग की सभ्या नेगी ने बढ़ाया मान, अंडर-23 टीम में जगह..

रुद्रप्रयाग की सभ्या नेगी ने बढ़ाया मान, अंडर-23 टीम में जगह..

 

 

 

 

उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग जनपद के अगस्त्यमुनि ब्लॉक स्थित बच्छणस्यूं पट्टी के मर्गांव (पणधारा) से एक बड़ी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। क्षेत्र की होनहार क्रिकेटर सभ्या नेगी (24) का चयन उत्तराखंड अंडर-23 महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। जैसे ही सभ्या अपने गांव पहुंचीं, ग्रामीणों ने उनका भव्य और पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया। ढोल-दमाऊं की गूंज, फूल मालाओं और जोरदार अभिनंदन के साथ गांव ने अपनी बेटी की सफलता का जश्न मनाया। इस मौके पर हर चेहरे पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दी।

सभ्या नेगी, दरबान सिंह नेगी की पुत्री हैं और उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। पहाड़ी क्षेत्र के एक छोटे से गांव से निकलकर क्रिकेट जैसे प्रतिस्पर्धी खेल में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन सभ्या ने अपने जुनून और समर्पण से यह कर दिखाया। बतौर ऑलराउंडर सभ्या ने इससे पहले भी उत्तराखंड महिला प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। खासतौर पर फाइनल मुकाबले में उन्होंने तीन अहम विकेट लेकर अपनी टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई थी। उनके इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया और अब उन्हें राज्य की अंडर-23 टीम में जगह मिली है।

सभ्या की इस सफलता से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह बिष्ट सहित स्थानीय लोगों ने उनकी उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि सभ्या नेगी ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन किया है और वे अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।परिजनों ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सभ्या ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत करती रहीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सभ्या राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी और क्षेत्र का नाम और ऊंचा करेंगी।

सभ्या नेगी की यह सफलता इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि अगर हौसले बुलंद हों और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है। पहाड़ की इस बेटी ने यह साबित कर दिया है कि छोटे गांवों से निकलकर भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय बन गई है और आने वाली पीढ़ी के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा बनकर सामने आई है। परिवार के सदस्यों ने भी इस उपलब्धि को भावुक क्षण बताते हुए कहा कि सभ्या ने हर मुश्किल का डटकर सामना किया और अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगी।