अर्थ ऑवर में उत्तराखंड की भागीदारी, आज एक घंटे बंद रहेंगी लाइटें..
उत्तराखंड: पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज शनिवार को पूरे उत्तराखंड में अर्थ ऑवर मनाया जाएगा। राज्य सरकार ने इस वैश्विक अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए प्रदेशभर में सभी गैर-जरूरी लाइटों और विद्युत उपकरणों को बंद रखने की अपील की है। इस पहल का मकसद ऊर्जा की बचत के साथ-साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाना है। यह पहल वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) द्वारा संचालित वैश्विक अभियान का हिस्सा है, जिसमें दुनिया के कई देशों के साथ भारत के विभिन्न राज्य भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। उत्तराखंड में इस अभियान को लेकर सरकारी स्तर पर निर्देश जारी किए गए हैं, वहीं आमजन, संस्थान, शैक्षणिक संगठन और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया गया है।
अर्थ ऑवर के दौरान लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों, दफ्तरों और अन्य स्थानों पर अनावश्यक रूप से जल रही लाइटें, पंखे, एसी और अन्य विद्युत उपकरणों को बंद रखें। हालांकि आवश्यक सेवाओं और सुरक्षा से जुड़े उपकरणों को इस दौरान चालू रखने की छूट रहेगी। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सामूहिक भागीदारी से न केवल ऊर्जा की खपत कम होगी, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अर्थ ऑवर जैसे अभियान लोगों को यह सोचने के लिए प्रेरित करते हैं कि वे अपनी दैनिक जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके भी प्रकृति के संरक्षण में योगदान दे सकते हैं। एक घंटे तक बिजली बंद रखना प्रतीकात्मक जरूर है, लेकिन यह संदेश देता है कि यदि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे तो पर्यावरण को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
राज्य सरकार और प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि इसे एक जनआंदोलन का रूप दें। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी इस पहल से जोड़ें और एक घंटे तक बिजली बचाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दें। अर्थ ऑवर न केवल ऊर्जा संरक्षण का प्रतीक है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यदि इस तरह के प्रयास नियमित रूप से किए जाएं, तो यह आने वाले समय में बड़े सकारात्मक बदलाव की नींव रख सकते हैं।

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