March 13, 2026

समान वेतन की दिशा में बड़ा कदम, ऊर्जा निगम ने जुटाई उपनल कर्मियों की जानकारी..

समान वेतन की दिशा में बड़ा कदम, ऊर्जा निगम ने जुटाई उपनल कर्मियों की जानकारी..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से समान कार्य के बदले समान वेतन की मांग कर रहे इन कर्मचारियों को जल्द ही इसका लाभ मिल सकता है। यूपीसीएल प्रबंधन ने इस दिशा में आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है और विभिन्न स्तरों पर कर्मचारियों का विवरण एकत्र करने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन के निर्देशों के बाद यूपीसीएल प्रबंधन ने उपनल के जरिए कार्यरत कर्मियों को संबंधित पद के न्यूनतम वेतनमान के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करने की तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में निगम मुख्यालय की ओर से सभी मुख्य अभियंताओं, महाप्रबंधक (वित्त), अधीक्षण अभियंताओं, उप महाप्रबंधकों और अधिशासी अभियंताओं को एक आधिकारिक पत्र भेजकर आवश्यक जानकारी मांगी गई है।

यूपीसीएल प्रबंधन ने अपने आदेश में कहा है कि उन सभी उपनल कर्मचारियों की विस्तृत सूची तैयार की जाए जो एक जनवरी 2016 से पहले से लगातार सेवा दे रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में कार्यरत ऐसे कर्मचारियों का पूरा विवरण तैयार कर सात दिन के भीतर मुख्यालय को उपलब्ध कराएं। सूचना संकलन की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए निगम ने तीन अलग-अलग प्रारूप भी जारी किए हैं। पहले प्रारूप में संबंधित कर्मचारी का नाम, पद, नियुक्ति की तिथि, शैक्षणिक योग्यता और सेवा के दौरान यदि किसी प्रकार का व्यवधान आया हो तो उसका पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इस जानकारी के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कर्मचारी कब से निरंतर सेवा दे रहा है और वह किस पद पर कार्यरत है।

दूसरे प्रारूप में उन उपनल कर्मियों का विवरण मांगा गया है जो निगम में सीधी भर्ती के स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्य कर रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होगा कि निगम के स्वीकृत ढांचे के मुकाबले कितने आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं और वे किस प्रकार की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। तीसरे प्रारूप में ऐसे आउटसोर्स कर्मियों की जानकारी मांगी गई है जो पदोन्नति वाले पदों पर तैनात हैं। यानी वे पद जिन पर सामान्य रूप से विभागीय कर्मचारियों की पदोन्नति के माध्यम से नियुक्ति की जाती है, लेकिन वर्तमान में उन पर आउटसोर्स या उपनल कर्मी कार्य कर रहे हैं। इन सभी सूचनाओं के आधार पर विभाग भविष्य की कार्यवाही और वेतन से संबंधित निर्णयों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।

यूपीसीएल मुख्यालय ने इस पूरे मामले में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यालयों से प्राप्त होने वाली जानकारी पूरी तरह जांची और सत्यापित होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की त्रुटि या अधूरी जानकारी स्वीकार नहीं की जाएगी। इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर पर सभी विवरणों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करने के बाद ही उसे मुख्यालय को भेजें। सभी संबंधित कार्यालयों को यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों का पूरा डेटा एक्सेल शीट के रूप में ई-मेल के माध्यम से भेजा जाए। इसके साथ ही उसी जानकारी की हार्ड कॉपी भी प्राथमिकता के आधार पर निगम मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए। ताकि रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से संकलित किया जा सके और आगे की कार्रवाई में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।

इसके अतिरिक्त प्रत्येक कार्यालय को अपने स्वीकृत स्टाफ स्ट्रक्चर से संबंधित आदेशों की प्रति भी अनिवार्य रूप से संलग्न करनी होगी। इससे यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि संबंधित कार्यालय में कुल कितने पद स्वीकृत हैं और उनके मुकाबले कितने कर्मचारी कार्यरत हैं। निगम मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सूचना भेजने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसलिए सभी अधिकारियों को समय सीमा के भीतर पूरी और सही जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद उपनल के माध्यम से लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो इससे बड़ी संख्या में कार्यरत उपनल कर्मियों को आर्थिक रूप से राहत मिलने की उम्मीद है। यूपीसीएल में लंबे समय से कार्यरत उपनल कर्मचारी समान कार्य के बावजूद वेतन असमानता की समस्या का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सरकार और निगम प्रबंधन की ओर से इस दिशा में की जा रही पहल को कर्मचारियों के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।