March 13, 2026

पहाड़ों में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा मंच, 17 नए मिनी स्टेडियम का प्रस्ताव..

पहाड़ों में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा मंच, 17 नए मिनी स्टेडियम का प्रस्ताव..

 

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में खेल सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए जल्द ही 17 नए मिनी स्टेडियम तैयार किए जाएंगे। इन स्टेडियमों के निर्माण से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर भी मिलेगा। राज्य सरकार की योजना के तहत युवा कल्याण विभाग पर्वतीय जिलों में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 17 मिनी स्टेडियम बनाए जाने की योजना है, जिनमें से 11 स्टेडियम प्रस्तावित हैं, जबकि छह स्टेडियमों का निर्माण कार्य पहले से ही जारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश के ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों के अनुसार टिहरी जिले में नैलचामी और घरगांव डांडा क्षेत्रों में मिनी स्टेडियम बनाने की योजना तैयार की गई है। इसी तरह पिथौरागढ़ जिले के ग्यालदेवी क्षेत्र में भी मिनी स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे सीमांत क्षेत्र के खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर अभ्यास सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उत्तरकाशी जिले के ग्राम पंचायत भंकोली स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में भी मिनी स्टेडियम विकसित किया जाएगा, जिससे आसपास के गांवों के छात्र-छात्राओं को खेल गतिविधियों में भाग लेने का बेहतर अवसर मिलेगा। पौड़ी गढ़वाल जिले में भी खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। यहां एकेश्वर ब्लॉक मुख्यालय और दुगड्डा क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। इन स्टेडियमों के बनने से स्थानीय युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहन मिलेगा और वे विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे।

इसके साथ ही कुमाऊं मंडल के कई जिलों में भी मिनी स्टेडियम बनाने की योजना पर काम चल रहा है। नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। चंपावत जिले के बनबसा, बागेश्वर जिले के देवतोली और अल्मोड़ा जिले के छौलछीना क्षेत्र में भी नए मिनी स्टेडियम बनाए जाने की योजना है। इन स्थानों का चयन स्थानीय युवाओं की खेल गतिविधियों और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में खेल मैदानों और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे में यदि गांव और ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम विकसित किए जाते हैं तो इससे स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और वे राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

राज्य सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित किया जाए और उन्हें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मिनी स्टेडियम बनने से न केवल खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए उचित मैदान मिलेंगे, बल्कि यहां स्थानीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं और प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जा सकेंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या के अनुसार प्रदेश में खेल ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में खेल विभाग के अंतर्गत राज्य में 30 मिनी स्टेडियम संचालित हो रहे हैं, जबकि युवा कल्याण विभाग के तहत 102 मिनी स्टेडियम पहले से ही मौजूद हैं। अब नए मिनी स्टेडियमों के निर्माण से यह संख्या और बढ़ेगी और राज्य के अधिक से अधिक क्षेत्रों तक खेल सुविधाएं पहुंच सकेंगी।

सरकार का मानना है कि खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने से युवाओं में अनुशासन, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है। इसके साथ ही खेल क्षेत्र में करियर की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार खेल आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और युवाओं को बेहतर अवसर देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। आगामी समय में इन मिनी स्टेडियमों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी, ताकि जल्द से जल्द स्थानीय युवाओं को इनका लाभ मिल सके। उम्मीद की जा रही है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में खेल संस्कृति को नई पहचान मिलेगी और यहां से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी उभरकर सामने आएंगे।