February 16, 2026

बुजुर्ग महिलाओं की जरूरतों के आधार पर बनेगी नई नीति, सरकार कर रही व्यापक तैयारी..

बुजुर्ग महिलाओं की जरूरतों के आधार पर बनेगी नई नीति, सरकार कर रही व्यापक तैयारी..

 

उत्तराखंड: प्रदेश सरकार बुजुर्ग और जरूरतमंद महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा दायरे को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अभी तक समाज कल्याण विभाग की ओर से पात्र महिलाओं को मुख्य रूप से वृद्धावस्था पेंशन का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन अब सरकार उनके लिए पोषण, देखभाल और सम्मान से जुड़ी नई योजनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बुजुर्ग महिलाओं के लिए नियमित और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्हें प्रधानमंत्री पोषण योजना के दायरे में लाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। योजना के तहत आसपास के सरकारी विद्यालयों में पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और अकेली रह रही महिलाओं को न्यूनतम पोषण सुरक्षा मिल सके। इस पहल का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव को भी बढ़ावा देना है, जिससे बुजुर्ग महिलाओं में एकाकीपन की भावना कम हो सके।

वीर नारियों और आपदा प्रभावित महिलाओं पर विशेष ध्यान..

सैनिक बहुल राज्य होने के कारण उत्तराखंड में बड़ी संख्या में वीर नारियां निवास करती हैं। इसके अलावा, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी कई बुजुर्ग महिलाएं कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही हैं। सरकार इन महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी वास्तविक जरूरतों का आकलन करने की तैयारी में है। यह भी देखा जाएगा कि जिन महिलाओं के बच्चे या परिजन हैं, वे उनकी समुचित देखभाल कर रहे हैं या नहीं। यदि कहीं उपेक्षा की स्थिति सामने आती है, तो संबंधित विभाग आवश्यक हस्तक्षेप करेगा। प्रदेश में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बुजुर्ग महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने जानकारी दी कि विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बुजुर्ग महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करना और उन्हें प्रेरणा स्रोत के रूप में स्थापित करना है।

एकल महिलाओं के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी..

प्रदेश सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत अविवाहित, तलाकशुदा, निराश्रित और दिव्यांग एकल महिलाओं को स्वरोजगार परियोजनाओं में 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है। अब आगामी वित्तीय वर्ष से बुजुर्ग महिलाओं के लिए अलग से नई योजना शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत गरीब, मध्यम और सक्षम वर्ग की महिलाओं की अलग-अलग जरूरतों का अध्ययन किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नई योजना को लागू करने से पहले व्यापक सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इस सर्वे के माध्यम से यह समझने की कोशिश की जा रही है कि बुजुर्ग महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां क्या हैं पोषण, स्वास्थ्य, आर्थिक असुरक्षा या सामाजिक उपेक्षा। इसी आधार पर एक समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि सहायता वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हो और योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचे। कुल मिलाकर प्रदेश सरकार महिलाओं, विशेषकर बुजुर्ग और एकल महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर बहुआयामी रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले समय में इन पहलों का जमीनी स्तर पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।