April 4, 2025

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए 12 भाषाओं में SOP जारी..

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए 12 भाषाओं में SOP जारी..

 

 

 

उत्तराखंड: प्रदेश सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। यह SOP 12 भाषाओं में उपलब्ध कराई गई है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु इसे आसानी से समझ सकें। इसके तहत यात्रा के दौरान किसी भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर यात्री तत्काल 104 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। साथ ही यात्रा मार्गों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट, हेल्थ एटीएम, टेलीमेडिसिन सेवाएं और स्क्रीनिंग प्वाइंट की व्यवस्था भी की गई है, जिससे यात्रियों को आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सके। सरकार ने विशेष रूप से हृदय, श्वसन और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। यात्रियों को पर्याप्त आराम करने, संतुलित आहार लेने और यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह भी दी गई है।

सरकार द्वारा जारी इस एसओपी (मानक प्रचालन प्रक्रिया) में तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार का कहना हैं कि चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति से बचाने के लिए व्यापक उपाय किए गए हैं। राज्य सरकार ने भौगोलिक और जलवायु संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए 12 भाषाओं—हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, मणिपुरी, गुजराती, मलयालम, बांग्ला, कन्नड़, मराठी, पंजाबी, उड़िया और तमिल में स्वास्थ्य परामर्श और एसओपी जारी की है। इससे देशभर से आने वाले श्रद्धालु स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों को आसानी से समझ सकेंगे। यात्रा से पूर्व सभी श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई है, खासकर हृदय, फेफड़े या पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों को। यात्री किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति में यात्री 104 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके साथ ही सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र भेजकर आग्रह किया गया है कि वे तीर्थयात्रियों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच और आवश्यक सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित करें। इस एसओपी का उद्देश्य चारधाम यात्रा को सुरक्षित और स्वास्थ्यप्रद बनाना है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं का सामना न करना पड़े।

हर जगह मिलेगी सहायता

स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने स्क्रीनिंग प्वाइंट, आपातकालीन सेवाएं और हेलीपैड जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष व्यवस्थाएं की हैं। यात्रा मार्गों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था की गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी से होने वाली समस्याओं को देखते हुए पर्याप्त ऑक्सीजन सिलिंडर और जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। गंभीर स्थिति में मरीजों को तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए हेलीपैड और एयर एंबुलेंस सेवाएं तैनात रहेंगी। विभिन्न यात्रा पड़ावों पर यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के लिए स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा से संबंधित स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए क्या करें, क्या न करें और अन्य स्वास्थ्य देखभाल सामग्री भी तैयार की है।

एसओपी में कहा गया है कि यात्रा से पूर्व अनिवार्य स्वास्थ्य जांच कराएं। कम से कम दो माह पूर्व पैदल चलने, प्राणायाम एवं हृदय संबंधी व्यायाम अपनाएं। आवश्यक दवाओं की पर्याप्त मात्रा साथ रखें। स्वास्थ्य एवं पर्यटन पंजीकरण एप पर अनिवार्य पंजीकरण करें। पर्याप्त जल, संतुलित आहार एवं हल्के गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें। स्क्रीनिंग केंद्र एवं चिकित्सा राहत पोस्ट का लाभ उठाएं। हल्की परतों वाले कपड़े, गरम वस्त्र, दस्ताने और ऊनी सामग्री साथ रखें।

दूसरे राज्यों से डॉक्टर सेवा देने आएं..
उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि वे अपने राज्यों के चिकित्सा विशेषज्ञों को इस यात्रा में स्वैच्छिक योगदान देने के लिए प्रेरित करें। विशेष रूप से हृदय रोग, अस्थि रोग, सर्जरी और अन्य आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञों को चारधाम यात्रा मार्ग पर चिकित्सालयों में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करें।

28 तरह की जांचें होंगी..
यात्रा के दौरान ब्लड प्रेशर, शुगर, ऑक्सीजन लेवल सहित 28 पैरामीटर की जांच के लिए स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। यह सभी प्वाइंट रजिस्ट्रेशन प्वाइंट के साथ जोड़े गए हैं ताकि यात्रा शुरू करने से पहले यात्रियों की पूरी स्वास्थ्य जांच हो सके। यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ प्वाइंट की संख्या बढ़ाई गई है और वहां पर डॉक्टरों के साथ प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य मित्रों की तैनाती की जाएगी। यात्रियों की स्वास्थ्य जांच को आसान बनाने के लिए यात्रा मार्गों पर हेल्थ एटीएम लगाए जाएंगे। यहां पर ब्लड प्रेशर, शुगर, ऑक्सीजन लेवल, वजन, लंबाई और शरीर का तापमान मापा जा सकेगा। साथ ही, टेलीमेडिसिन सेवा के तहत 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की सुविधा भी दी जाएगी। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 10 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और दो पीएचसी सेंटर स्थापित किए गए हैं। गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड और नारायणकोटी में हेल्थ एटीएम लगाए जाएंगे, जहां यात्रियों की फ्री हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी।

तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह..

स्वास्थ्य सचिव ने चारधाम यात्रा विशेष रूप से केदारनाथ और यमुनोत्री यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य से जुड़ी अहम सावधानियां बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य सचिव का कहना हैं कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी को ध्यान में रखते हुए हर 1-2 घंटे में 10 मिनट का ब्रेक लें। मौसम में अचानक बदलाव से बचने के लिए गर्म कपड़े, रेनकोट, छात, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर साथ रखें। ताकि ऑक्सीजन स्तर और शरीर के तापमान की निगरानी की जा सके। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह से ग्रसित यात्री अपनी जरूरी दवाइयां और डॉक्टर का नंबर साथ रखें। यात्रा के दौरान सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर या उल्टी महसूस हो तो इसे अनदेखा न करें और निकटतम मेडिकल रिलीफ प्वाइंट पर तुरंत जाएं।