उत्तराखंड के 76 युवा राष्ट्रीय मंच के लिए दिल्ली रवाना, यंग लीडर्स डायलॉग में लेंगे भाग..
उत्तराखंड: स्वामी विवेकानंद के जन्मोत्सव के अवसर पर हर वर्ष 12 जनवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस के तहत इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में वर्ष 2026 के लिए ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ का आयोजन राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है, जिसमें देशभर से चयनित युवा भाग लेंगे। इस राष्ट्रीय आयोजन में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए राज्य के युवाओं का एक विशेष दल गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने राजभवन परिसर से युवाओं के दल को फ्लैग ऑफ कर शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में युवा नेतृत्व की भूमिका निर्णायक होगी और ऐसे राष्ट्रीय मंच युवाओं को अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।
बताया गया कि ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2026’ के दौरान युवा नेतृत्व, नवाचार, सामाजिक सहभागिता, स्टार्टअप, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर संवाद और विचार-विमर्श किया जाएगा। इस मंच पर उत्तराखंड के युवा अपनी प्रतिभा, विचार और राज्य की विशिष्टताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय है कि उन्हें देश की राजधानी में आयोजित इतने बड़े मंच पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। राज्य सरकार और युवा कल्याण विभाग की ओर से भी इस पहल को युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस संवाद से लौटकर युवा अपने अनुभवों का लाभ राज्य के विकास में भी देंगे।
राजधानी नई दिल्ली में 9 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित होने जा रहे ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2026’ में उत्तराखंड के युवा प्रतिभागी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में राज्य से कुल 76 युवाओं का चयन किया गया है, जो विभिन्न प्रतियोगी और सांस्कृतिक विधाओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन युवाओं का चयन बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। विभिन्न प्रतियोगी विधाओं में प्रतिभाग करने वाले युवाओं को पहले क्षेत्र पंचायत और जिला स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं से गुजरना पड़ा, जिसके बाद राज्य स्तर पर आयोजित युवा महोत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को राष्ट्रीय मंच के लिए चुना गया। सांस्कृतिक विधाओं में राज्य स्तर के युवा महोत्सव में सफलता हासिल करने वाले 24 प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके साथ ही अन्य विधाओं में चयनित युवा भी संवाद, नवाचार और नेतृत्व से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और नवाचार को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना है। साथ ही यह मंच युवाओं को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को सशक्त करने का कार्य करेगा।
इस चयन प्रक्रिया के अंतर्गत हाइब्रिड माध्यम से विभिन्न चरणों में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद राज्य स्तर पर पीपीटी प्रस्तुति और लीडरशिप असेसमेंट चरण का आयोजन 3 और 4 जनवरी को किया गया। राज्य स्तर पर आयोजित इस चयन चरण में भारत सरकार के पर्यवेक्षक की उपस्थिति में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 42 युवाओं का चयन राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए किया गया है। चयनित प्रतिभागी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने चयनित युवाओं और प्रतिभागियों से संवाद करते हुए कहा कि आज का भारतीय युवा केवल जनसांख्यिकीय लाभ (डेमोग्राफी डिविडेंड) तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश की प्रगति को दिशा देने वाली एक सशक्त शक्ति, यानी डेमोग्राफी ड्राइविंग फोर्स है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य तय करें और अपने मिशन, अनुभवों तथा सीख को प्रतिदिन अपनी डायरी में दर्ज करें, ताकि आत्ममंथन और निरंतर सुधार संभव हो सके। राज्यपाल ने कहा कि नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और स्पष्ट दृष्टिकोण ही युवाओं को सफलता के शिखर तक पहुंचाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड के युवा राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा और विचारों से राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे। युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व, नवाचार और नीति निर्माण से जुड़े कौशल को पहचानना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना है। चयनित युवाओं में इस अवसर को लेकर उत्साह का माहौल है।
राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने जा रहे युवाओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह अवसर केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि राज्य और समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इस राष्ट्रीय मंच से मिलने वाले अनुभवों और सीख को अपने सहपाठियों के साथ-साथ समाज के अन्य वर्गों तक भी पहुंचाएं। राज्यपाल ने कहा कि एक सच्चा लीडर केवल अपने हित के बारे में नहीं सोचता, बल्कि समाज और राष्ट्र के व्यापक हितों को प्राथमिकता देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि भविष्य में उन्हें देश के नेतृत्व की भूमिका निभानी है, इसलिए अभी से अपने भीतर नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता और सेवा भावना विकसित करें।
युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड आध्यात्म, योग और तप की भूमि है। यहां की सांस्कृतिक परंपराएं, अतिथि सत्कार, जड़ी-बूटी और लोक विरासत अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि जिस प्रकार उत्तराखंड की अपनी अलग पहचान है, उसी तरह उन्हें भी अपने व्यक्तित्व और कार्यक्षेत्र में एक अलग और सकारात्मक पहचान बनानी चाहिए। राज्यपाल ने भविष्य की चुनौतियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि वर्ष 2026 तकनीकी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रहा है। ऐसे में युवाओं को स्वयं को स्किल्ड बनाना होगा और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि अपनी सोच, विचार और दृष्टिकोण को व्यापक बनाएं, क्योंकि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सोच भी बड़ी, दूरदर्शी और विकसित होनी चाहिए।

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